सरकार के इस बड़े फैसले की वजह से IPL 2020 हो सकता है स्थगित

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिए 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) पर आइपीएल) को रद करने का दबाव बढ़ गया है। बीसीसीआइ ने इस महीने की शुरुआत में आइपीएल के इस 13वें सत्र को 15 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया था तब उसने कहा था कि टूर्नामेंट की मेजबानी केवल स्थिति में सुधार होने पर किया जाएगा।

बीसीसीआइ के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा था कि गंभीर स्थिति को देखते हुए उनके पास इस मामले पर कहने के लिए कुछ नहीं है। गांगुली ने कहा, ‘मैं फिलहाल कुछ नहीं कह सकता। हम उसी स्थान पर हैं जहां हम इसे निलंबित करने वाले फैसला लेते समय थे। पिछले 10 दिनों में कुछ भी नहीं बदला है। ऐसे में मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है। यथास्थिति बनी हुई है।

‘किंग्स इलेवन पंजाब के सह-मालिक नेस वाडिया इस मुद्दे पर अधिक स्पष्ट दिखे। वाडिया ने कहा, ‘बीसीसीआइ को वास्तव में आइपीएल को अब स्थगित करने पर विचार करना चाहिए। एक प्रमुख खेल आयोजन के तौर पर हमें बड़ी जिम्मेदारी के साथ काम करने की जरूरत है। मई तक स्थिति में अगर सुधार होता है और मुझे आशा है कि ऐसा होगा तो भी हमारे पास कितना समय रहेगा। क्या तब विदेशी खिलाडि़यों को देश में प्रवेश करने की अनुमति होगी?

इस मामले से जुडे बीसीसीआइ के एक अधिकारी ने कहा, ‘अगर ओलंपिक को एक साल के लिए स्थगित किया जा सकता है, तो आइपीएल उस लिहाज से बहुत छोटा टूर्नामेंट है। इसे आयोजित करना मुश्किल होता जा रहा। हमें इस बात को भी सोचना चाहिए की अभी सरकार विदेशी वीजा की अनुमति देने के बारे में भी विचार भी नहीं कर रही।’

बीसीसीआइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ’21 दिन के लॉकडाउन के बाद अब यह लगभग असंभव सा होगा की चीजें सामान्य हो। लॉकडाउन हट गया तो भी 14 अप्रैल के बाद भी बहुत सारे प्रतिबंध जारी रहेंगे। ऐसे में लीग को रद नहीं करना मूर्खता होगी।’