सिर्फ सपा सड़कों पर उतरी, कांग्रेस सुविधाभोगी पार्टी : सपा नेता

लखनऊ : सपा नेता राम गोविंद चौधरी ने कहा कि कांग्रेस का प्रदर्शनों से कोई लेना-देना था ही नहीं तो उसके नेता क्यों गिरफ्तार लोगों और उनके परिजन से मुलाकात कर मदद की पेशकश कर रहे हैं? लोकतंत्र बचाने के लिए सपा ही सड़कों पर उतरती थी। कांग्रेस तो सुविधाभोगी पार्टी रही है। उन्होंने वादा किया- अगर 2022 में उनकी पार्टी सत्ता में आई तो प्रदर्शनों में गिरफ्तार लोगों को लोकतंत्र सेनानी की तरह संविधान रक्षक के तहत पेंशन दी जाएगी। सपा ने ही उत्तर प्रदेश में आपातकाल के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों को लोकतंत्र सेनानी पेंशन देने की शुरुआत की थी।
इस पर भाजपा नेता और उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा- कानून के विरोध में हिंसक प्रदर्शन करने वालों को एक पार्टी पेंशन देने की बात कह रही है तो दूसरी पार्टी कानूनी सहायता देने की। इनका असली चेहरा जनता के सामने आ चुका है। कांग्रेस और सपा वोट के लिए देश को बांटना चाहती हैं। इससे पहले 24 दिसम्बर को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को मेरठ जाने से रोक दिया गया था। तब दोनों नेता यहां पीड़ितों से मिलना चाहते थे। प्रियंका इससे पहले लखनऊ और बिजनौर में हिंसा में प्रभावित हुए लोगों और उनके परिजन से मुलाकात कर चुकी हैं। सीएए के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों में उत्तर प्रदेश में 19 लोगों की मौत हुई थी। मेरठ में 5 लोग मारे गए थे। मुजफ्फरनगर में 20 दिसंबर को हिंसा में नूर मोहम्मद की जान चली गई थी। उग्र भीड़ ने अस्थाई पुलिस चौकी फूंक दी थी।