200 साल पुराना राष्ट्रीय संग्रहालय जलकर खाक, करोड़ों चीजें हुईं नष्ट

ब्राजील के रियो डी जनेरियो में 200 साल पुराना राष्ट्रीय संग्रहालय में रविवार देर रात लगी आग में सब कुछ जलकर खाक हो गया जिससे बहुत बड़े नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। इस संग्रहालय में करोड़ों ऐतिहासिक कलाकृतियों और लातिन अमेरिका के दस्तावेज रखे थे।  नेचुरल हिस्ट्री का लैटिन अमेरिका का सबसे बड़ा संग्रहालय था। इसमें मानवशास्त्र, जियोलॉजी और अन्य विषयों से संबंधी बेशकीमती दो करोड़ से ज्यादा चीजों का संग्रह था।
 200 साल पुराना राष्ट्रीय संग्रहालय जलकर खाक, करोड़ों चीजें हुईं नष्ट
संग्रहालय के अधिकारियों ने बताया कि यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि क्या बचा और नष्ट हो गया क्योंकि अग्निशमन कर्मी अभी भी आग को पूर्ण रूप से बुझाने पर काम कर रहे हैं और इसका आकलन कर रहे हैं कि अंदर प्रवेश करना सुरक्षित होगा या नहीं। 

आग लगने के ठीक बाद इस सांस्कृतिक क्षति को देखते हुए लोगों में गुस्सा उभर आया। ब्राजील के अधिकारियों का मानना है कि सरकार द्वारा वर्षों से इस मद में की जा रही बजट की कटौती से संग्रहालय की यह स्थिति हुई है। इनका मानना है कि बजट की कमी से देश के बहु-सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंच रहा है। 

ब्राजील के राष्ट्रपति माइकल टेमर ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा, “ब्राजील के लिए यह दुखद दिन है। दो सौ वर्षों के काम, शोध और ज्ञान नष्ट हो गए। हमारे इतिहास का मूल्य इमारत को पहुंचे नुकसान से नहीं आंका जा सकता।” 

इस संग्रहालय में बहुत प्राचीन समय के जीवाश्म भी रखे हैं। इसमें ब्राजील के बेलो होरिजोंटे शहर के बाहर से 1975 में खुदाई में मिले जीवाश्म भी हैं। यह ऐसा जीवाश्म है जिसके बारे में 1990 के दशक के मध्य में हुई जांच में वैज्ञानिकों ने पाया था कि यह अमेरिका प्रायद्वीप का सबसे पुराना जीवाश्म है। उसके बाद उसे ‘लुजिया’ नाम दिया गया। इस संग्रहालय में ममी भी रखी हुई थी। यहां सिर्फ ब्राजील ही नहीं दुनिया भर की कलाकृतियां, जीवाश्म और महत्वपूर्ण वस्तुएं रखी थीं। 

संग्रहालय के आग में स्वाह हुई ये दुर्लभ चीजें

रियो डी जनेरियो में राष्ट्रीय संग्रहालय में सबकुछ जलकर खाक
12 हजार साल पुराना कंकाल 

महिला का 12,000 साल पुराना कंकाल रखा है, जो लैटिन अमेरिका में मिला सबसे पुराना कंकाल है। 

750 ईसा पूर्व की ममी 

कोलंबियन युग से पहले की ममी भी थी। 750 ईसा पूर्व की इस ममी को एंडीन स्कैल्टन कहा जाता था। 

5.36 टन वजनी उल्का पिंड 

म्यूजियम में 1784 में मिला सबसे बड़ा उल्का पिंड रखा था। इसका वजन 5.36 टन है। 

200 साल पुराने संग्रहालय का इतिहास 

यह संग्रहालय 6 जून 1818 में बना था। इसे पुर्तगाल के शासक जॉन ने शाही म्यूजियम घोषित किया था। इससे पहले यह शाही पैलेस था। इस संग्रहालय में ब्राजील का सबसे पुराना विज्ञान पुस्तकालय भी था। इसमें 4.7 लाख पुस्तकें और 2400 दुर्लभ दस्तावेज रखे थे। यहां ब्राजील में मिले सबसे पुराने जीवाश्म भी रखा था। डायनासोर की हडि्डयां भी यहां रखी थीं। हर साल दो लाख लोग यहां आते थे।