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दस्तक-विशेष

दस्तक-विशेष स्तम्भ

समग्र शिक्षा का माध्यम मातृभाषा होनी चाहिए बृजनन्दन राजू : देश को आजादी मिलने के बाद जिनके हाथ में सत्ता की बागडोर आयी। उनके मन और दिलो दिमाग ...
Comments Off on भारतीयता का गौरव बोध कराने वाली होनी चाहिए नयी शिक्षा नीति
दस्तक-विशेष स्तम्भ

लखनऊ : यह एक शुभ संयोग है कि रक्षा बंधन पर्व इस वर्ष भारत की आजादी के दिवस 15 अगस्त को पड़ा है। सभी देशवासियों तथा विश्व भर ...
Comments Off on शुभ संयोग : रक्षाबंधन और स्वतंत्रता दिवस एक ही दिन
दस्तक-विशेष स्तम्भ

भारत ही विश्व में एकता और शान्ति स्थापित करेगा डॉ. जगदीश गांधी : आजादी के लम्बे संघर्षके बाद 1942 में हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने पूरी दृढ़ता के साथ ...
Comments Off on 15 अगस्त ‘स्वतंत्रता दिवस’ पर हार्दिक बधाइयाँ!
दस्तक-विशेष स्तम्भ

लखनऊ : भारत सांस्कृतिक विविधता के कारण एक लघु विश्व का स्वरूप धारण किये हुए हैं। भारत की सांस्कृतिक विविधता ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ का सन्देश देती है अर्थात सारी ...
Comments Off on भारतीय संस्कृति के आदर्श ‘‘वसुधैव कुटुम्बकम्’’ के विचार में है विश्व की समस्याओं का समाधान
दस्तक-विशेष स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : ऋग्वेद दुनिया का प्राचीनतम काव्य है और प्राचीनतम ज्ञानोदय। लेकिन इसके रचनाकाल पर यूरोपीय दृष्टिकोण वाले विद्वानों के कारण बहस चलती है। मैक्समुलर के अनुसार ...
Comments Off on ऋग्वेद पर अनायास बहस करते हैं पश्चिम के विद्वान
दस्तक-विशेष स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : भारतीय संस्कृति का आदि स्रोत वैदिक दर्शन है। इसी दर्शन से संस्कृति का विकास हुआ। ऋग्वेद में दर्शन, संस्कृति व सभ्यता के महत्वपूर्ण सूत्र हैं। ...
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दस्तक-विशेष स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

हृदयनारायण दीक्षित : प्रकृति प्रतिपल अभिव्यक्ति होती रहती है। सौन्दर्य प्रकृति की सर्वोत्तम अभिव्यक्ति है और सौन्दर्य का सरस कथन कविता है। कविता का उद्भव केन्द्र भाव है। ...
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दस्तक-विशेष लखनऊ स्तम्भ

21वीं सदी में सारे विश्व में युवा शक्ति के अभूतपूर्व जागरण की हो चुकी है शुरुआत लखनऊ : संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा युवा पीढ़ी को आज के युग ...
Comments Off on अन्तर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर हार्दिक बधाइयाँ
दस्तक-विशेष स्तम्भ

देश प्रेम का विस्तार विश्व प्रेम के रूप में होना ही मानवता है! रवीन्द्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई, 1861 को कोलकाता (पहले कलकत्ता) के एक प्रतिष्ठित और ...
Comments Off on विश्वविख्यात गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टॅगोर की पुण्य तिथि पर शत—शत नमन!
दस्तक-विशेष स्तम्भ

लखनऊ : होकर मायूस न यूँ शाम की तरह ढलते रहिए, जिन्दगी एक भोर है सूरज की तरह प्रकाश बिखेरते रहे। ठहरोगे एक पाँव पर तो थक जाओगे, ...
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