वाणिज्य कर विभाग ने जीएसटी जमा करने के लिए विभागों को लिखा पत्र

हमीरपुर : जिले में अधिकतर सरकारी विभागों में वस्तुओं की खरीदारी करने के पहले वाणिज्यकर विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना तो दूर विभाग को दो फीसदी वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) भी नही जमा करते है जिससे हर माह शासन को करोडो रुपये का राजस्व का नुकसान हो रहा है। वाणिज्यकर अधिकारी ने इस मामले में दो दर्जन विभागोे को कड़ा पत्र लिखा है। जिला वाणिज्य कर अधिकारी डी एन यादव ने शुक्रवार को कहा कि सरकारी, अर्ध-सरकारी और कार्यदायी संस्थाओं को वस्तुओ की खरीदारी करने के पहले विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक होता है।

संबंधित कंपनी को भुगतान करने के पहले वाणिज्यकर का दो फीसदी काट कर विभाग के खाते में जमा करना अनिवार्य होता है मगर यहां पर मुख्य चिकित्साधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जल निगम, विद्युत, एनआरएलएम कृषि विभाग, सिचाई विभाग, उद्यान विभाग, पंचायती राज विभाग समेत एक दर्जन विभाग ऐसे हैं जो शासन से सीधे बजट मिलने के बाद करोडो रुपये की खरीदारी करते है मगर नियमानुसार वाणिज्यकर विभाग को दो फीसदी जीएसटी और टीडीएस जमा नहीं करते हैं जिससे कई सालो से राजस्व का बराबर नुकसान हो रहा है। श्री यादव ने कहा कि इसके लिये समय समय पर पत्र लिखने के साथ साथ यह मामला मीटिंग मे उठाया जाता है। मगर विभागीय अधिकारी कोई ध्यान नही देते हैं।

लोनिवि चार साल से टीडीएस जमा कर रहा है। वाणिज्यकर अधिकारी का कहना है कि कोविड 19 में स्वास्थ्य विभाग हर माह लाखों रुपये की खरीदारी कर रहा है मगर उसमें टीडीएस एक धेला का जमा नही किया जाता है जिससे राजस्व का लगातार नुकसान हो रहा है। यही हाल बेसिक शिक्षा विभाग व अन्य विभागो का है। श्री यादव ने इस मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी है। उनका कहना है कि इसके पहले भी विभाग में अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों को राजस्व नुकसान की जानकारी देते रहे है मगर विभागाध्यक्ष कोई ध्यान नही देते रहे है जिससे स्थितियां खराब होती जा रही है। मगर राजस्व हानि बराबर होने की बजह से वह शीघ्र ही जिलाधिकारी से चर्चा कर कार्यवाही करने के लिये कहेंगे।

वाणिज्य कर अधिकारी ने बताया कि जो विभाग टीडीएस नही जमा करते है उनके खिलाफ दस हजार रुपये जुर्माना ठोकने का प्राविधान है। अभी नोटिस देकर चेतावनी दे दी गयी है यदि कोई सुधार नहीं होता तो जुर्माने की कार्यवाही की जायेगी।