क्यों कर दिया पंजाब सरकार ने पूरा गांव सील, जाने वजह


नई दिल्ली। विश्व में लगातार बढ़ रहे कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए पंजाब सरकार पूरी तरह से मुस्तैद हो गई है। जैसे ही पंजाब में कारोना पॉजिटिव मामला सामाने आया और कोरोना पीड़ित की मौत हुए, तुरन्त ही पंजाब सरकार ने पूरे गांव को सील करने का निर्देश जारी कर दिया यही नहीं वहां पर जिस परिवार में कोरोना पॉजिटिव पाया गया था उस परिवार का तो घर से बाहर निकलना भी बंद कर दिया गया है।

देश में कोरोना वायरस (कोविड-19) से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 203 हो गयी है। गुरुवार को पंजाब में कोरोना वायरस से पहली मौत का मामला सामने आया, जिसकी अधिकारियों ने आधिकारिक पुष्टि भी कर दी है। मृतक का नाम बलदेव सिंह है, जो 70 वर्ष के बुजुर्ग थे और 6 मार्च को इटली से लौटे थे। वहीं आज भारत में पांचवीं मौत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इटली के एक शख्स ने राजस्थान के जयपुर में दम तोड़ा है।

बता दें पंजाब में जिस व्यक्ति की मौत हुई है वह 7 मार्च को जर्मनी से इटली के रास्ते दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा था। उसी दिन वह अपने गांव पहुंच गया था। 70 वर्षीय बलदेव पहले से ही मधुमेह और उच्च रक्तचाप का मरीज था। उसे घर में ही चिकित्सीय निगरानी में रखा गया था। 18 मार्च की सुबह उसकी सेहत के बारे में अस्पताल (सीएचसी बंगा) को सूचना दी गई।

बताया जा रहा है कि राज्य के नवांशहर की बंगा तहसील के गांव पठलावा के रहने वाले बलदेव सिंह को मंगलवार रात से खांसी-जुकाम और बुखार की शिकायत के बाद उपचार के लिए बंगा के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन कल सुबह चार बजे करीब उनकी मौत हो गई। हालांकि पहले उनकी मौत की वजह हार्टअटैक बताई गई, लेकिन कोरोना की आशंका के चलते पीजीआई चंडीगढ़ भेजे गए उनके ब्लड सैंपल की रिपोर्ट आई तो खुलासा हुआ कि उनकी मौत कोरोना वायरस से ही हुई है।

पंजाब में कोरोना वायरस से मौत का यह पहला मामला है। डॉक्टरों की 5 सदस्यीय टीम के दिशानिर्देशों के अनुसार मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया गया और परिवार के सभी सदस्यों को 15 दिन के लिए घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। बलदेव सिंह के पारिवारिक सदस्यों को विशेष ऑबजर्वेशन में रखा गया है और पूरे गांव को सील कर दिया गया है। गांव के हर बाशिंदे की जांच की जा रही है।