मुरादाबाद में बेटी से छेड़छाड़ का विरोध करने पर पिता की हत्या

मुरादाबाद : जिले में बेटी से छेडख़ानी का विरोध करने पर सबक सिखाने के लिए दंबगों द्वारा पिता की पीट पीटकर हत्या मामले में शिथिलता बरतने के आरोप में चौकी प्रभारी को निलंबित कर दो दरोगा, चार सिपाहियों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने लाईन हाजिर किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने गुरुवार को यहां कहा कि मूंढापांडे इलाके के महेशपुर भिला गांव में बेटी से हुई छेड़खानी के विरोध में पिता की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई । रिपोर्ट आने के बाद करनपुर चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया गया जबकि दो दरोगा और चार सिपाहियों को लाइन हाजिर कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। थाना प्रभारी की भूमिका की जांच के लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी को निर्देशित किया गया है।

सांकेतिक तस्वीर

मूंढापांडे थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव में 21 सितम्बर की शाम हाई स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ गांव के ही कुछ युवकों ने छेड़खानी की थी। छात्रा ने इसकी शिकायत अपने पिता से की तो वह आरोपियों के घर शिकायत लेकर पहुंच गए थे। आरोप है कि इस दौरान आरोपी और उनके परिजनों ने छात्रा के पिता हरिओम के साथ मारपीट की थी। हरिओम के भाई और उनके भतीजे को भी पीटा गया था। इस मामले की शिकायत पुलिस चौकी में की गई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। मूंढापांडे थाने में भी शिकायती पत्र दिया गया था।पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की तो वह अपने घर लौट गए थे। मंगलवार सुबह फिर से आरोपियों ने पीड़ित परिवार के घर पर हमला बोल दिया था। जिसमें हरिओम गंभीर रूप से घायल हो गए।

सांकेतिक तस्वीर

अस्पताल पहुंचने पर उनकी मौत हो गई। हरिओम के दो भाई और एक भतीजा इसकी शिकायत लेकर मूंढापांडे थाने पहुंचे तो उनके भी साथ मारपीट की गई तो इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस कर्मियों की जांच कराई। ्रथम दृष्टया करनपुर चौकी इंचार्ज वीरेंद्र कुमार की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है।मूंढापांडे थाना प्रभारी नवाबसिंह की भूमिका की जांच पुलिस क्षेत्राधिकारी हाईवे रामसागर को सौंपी गई है। इसके अलावा इसी चौकी पर तैनात दरोगा अश्वनी कुमार, परमानंद के अलावा सिपाही सुखनंदन, धीरेंद्र, मनोज कुमार और अतुल कुमार को लाइन हाजिर किया गया है।