शोध: कोरोना वायरस कितने दिन रह सकता है जीवित, जानें

नई दिल्ली। कोरोनावायरस के संक्रमण को लेकर जहां पूरा देश डरा और सहमा हुआ है। कोरोनावायरस के बुधवार को देश में 87 नए मामले सामने आए। राज्य सरकारों की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक संक्रमितों की संख्या बुधवार को 623 हो गई, वहीं अब तक 12 लोगों की जान चली गई है। एक पहलू जिस पर अभी भी तस्वीर साफ नहीं है वह यह है कि आखिर कितने वक़्त तक Sars-CoV-2 (कोविड-19 बीमारी को फैलाने की वाले वायरस का नाम) मानव शरीर के बाहर जीवित रह सकता है।

दरअसल, सार्स और मर्स जैसे दूसरे कोरोना वायरस पर हुए कुछ अध्ययनों में पता चला था कि ये मेटल, ग्लास और प्लास्टिक पर नौ दिन तक जीवित रह सकते हैं। कम तापमान में कुछ वायरस 28 दिन तक टिके रह सकते हैं। कोरोना वायरस को खासतौर पर इस बात के लिए जाना जाता है कि यह अपने अनुकूल माहौल में मजबूती से टिका रहता है। शोधकर्ताओं को अब इस बारे में और ज़्यादा जानकारियां मिल रही हैं कि यह नए कोरोना वायरस के फैलाव को कैसे प्रभावित करता है।
यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (एनआईएच) की वायरोलॉजिस्ट नील्तजे वान डोरमालेन और मोंटाना के हैमिल्टन में मौजूद रॉकी माउंटेन लैबोरेटरीज के उनके सहयोगियों ने Sars-CoV-2 के बारे में कुछ शुरुआती टेस्ट किए हैं कि यह अलग-अलग सतहों पर कब तक टिक सकता है। इनकी स्टडी को न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में छापा गया है। इस स्टडी से पता चलता है कि यह वायरस छींक या खांसी के दौरान बाहर निकलने पर बूंदों में तीन घंटे तक जीवित रह सकता है। 1 से 5 माइक्रोमीटर के आकार वाली बड़ी बूंदें मानव बाल की मोटाई से करीब 30 गुना छोटी होती हैं, ये बूंदें कई घंटों तक हवा में बनी रह सकती हैं।

इसका मतलब यह है कि वायरस बिना फिल्टर वाले एयर कंडीशनिंग सिस्टम्स में आने वाले वायरस केवल कुछ घंटों तक ही जीवित रह सकते हैं, खासतौर पर एयरोसोल बूंदें जल्द ही सतह पर टिक जाती हैं। लेकिन, एनआईएच की स्टडी में पता चला है कि Sars-CoV-2 वायरस कार्डबोर्ड पर 24 घंटे तक और प्लास्टिक और स्टेनलेस स्टील की सतहों पर 2-3 दिन तक टिका रह सकता है। रिसर्च से पता चला है कि 62-71 फीसदी एल्कोहल या 0.5 फीसदी हाइड्रोजन परऑक्साइड ब्लीच या 0.1 फीसदी सोडियम हाइपोक्लोराइट वाली घरेलू ब्लीच से सतह को साफ करने से कोरोना वायरस को एक मिनट के भीतर निष्क्रिय किया जा सकता है।

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात 12 बजे से 21 दिनों के लिए देशभर में लॉकडाउन घोषित कर दिया था। गृह मंत्रालय के मुताबिक, इस दौरान नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें एक से दो साल की जेल के अलावा कुछ मामलों में जुर्माने का प्रावधान है। वही, तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने राज्य के लोगों से कहा कि अमेरिका में लॉकडाउन लागू कराने के लिए सेना बुलानी पड़ी थी। यहां हालात काबू नहीं हुए तो हमें देखते ही गोली मारने का आदेश जारी करना पड़ेगा। राज्य में संक्रमण के अब तक 35 मामले सामने आए हैं और 19,313 लोग सर्विलांस पर हैं।