धर्मसत्ता, नैतिकता, गरीब परस्ती, कानून व्यवस्था, सामाजिक एकता, सद्भाव

के.एन. गोविन्दाचार्य

स्तम्भ

  • सभी को सम्मान मिले। सही को सत्ता, संपत्ति से ज्यादा महत्त्व मिले।
  • धर्मसत्ता के क्षेत्र मे अपरिग्रह, निरहंभावना के मापदण्ड को महत्त्व मिले।
  • परिवार संस्था को नैतिक और कानूनी माध्यम से मान्यता और ताकत दी जाय।
  • अधिक उत्पादन, समुचित वितरण, संयमित उपभोग को व्यवस्था की परिधि मे लाया जाय।
Pin de joy smith em Magical Nature | Lindas paisagens, Cachoeira ...
  • जमीन, जल, जंगल, जानवर अर्थात् प्रकृति संपोषण को विधि-विधान मे ताकत दी जाय।
  • पवित्र पर्वत, नदियाँ, सरोवर, कुण्ड के संरक्षण को कानूनी मान्यता मिले।
  • गोमाता, गंगा मैया को विशेष ताकत मिले।
  • कार्यपालिका, न्यायपालिका, विधायिका, मीडिया मे नैतिक मापदंड को मजबूत बनाया जाय। उसकी निगरानी की व्यवस्था बेहतर हो। आत्मानुशासन के अलावा विधिसम्मत व्यवस्था इस संदर्भ मे बने।