योगी सरकार ने स्वास्थ्य महकमे को 50 करोड़ दिए जाने का किया ऐलान

लखनऊ। कोरोना आपदा से बचाव व सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार ने जहां लॉकडाउन का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं आम जनता की सुविधा के लिए आवश्यक वस्तुओं को अब उनकी दहलीज तक भी पहुंचाने की व्यवस्था शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं शासन के वरिष्ठ अफसरों के साथ लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। इस बीच प्रदेश सरकार ने बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के लिए अतिरिक्त 50 करोड़ रुपये की घोषणा की।

इस धनराशि से स्वास्थ्य महकमा कोरोना आपदा से बचाव को लेकर आवश्यक उपकरणों की खरीद करने के साथ अन्य जरूरतों की पूर्ति कर सकेगा। लॉकडाउन की स्थिति में चिकित्सीय सामग्री व आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में इससे मदद मिलेगी। सरकार ने राज्य आपदा मोचक निधि से भी 272.5 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की है।

राहत आयुक्त संजय गोयल के मुताबिक आपात सामग्री खरीदने के लिए उन वस्तुओं के लिए एक माह के लिए शिथिलता प्रदान की गई है जो चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग के अनुसार कोरोना वायरस के उपचार और रोकथाम के लिए जरूरी हैं। दरअसल प्रदेश में कोरोना वायरस को आपदा घोषित कर दिया गया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के कोरोना महामारी को राज्य में आपदा घोषित करने की मंजूरी प्रदान करने के बाद सरकार ने इसका नोटिफिकेशन जारी कर चुकी है।

वहीं लॉकडाउन घोषित होने के बाद जनपदों में प्रशासन ने आम जनता की सुविधा के लिए आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए नये इंतजाम किए हैं।

लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि फल, सब्जी, अनाज, किराना, फार्मा, मेडिकल एवं अन्य अनिवार्य जीवन रक्षक सामग्री का विक्रय तथा होम डिलीवरी करने वाले सभी प्रतिष्ठान सुबह छह बजे से रात 11 बजे के मध्य खोले जाएं। अस्पताल और पेट्रोल पम्प पहले की तरह चौबीस घंटे खुले रहेंगे।

अयोध्या के जिलाधिकारी अनुझ कुमार झा ने सब्जी की गाड़ियों को मंडी से मुहल्लों के लिए रवाना किया। दूध नजदीकी बूथ तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई। उन्होंने बताया कि हर घर तक दूध और सब्जी रोजाना पहुंचेगी, किसी को घर से निकलने की आवश्यकता नहीं है। किराना की होम डिलीवरी के लिए व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से विमर्श कर दरें निर्धारित करने जैसी पहल भी की गई है।

इसी तरह गोरखपुर में प्रशासन स्तर पर सब्जी बिक्री करने का इंतजाम किया गया है। अन्य जगहों पर भी इस तरह की व्यवस्था की गई है, जिससे वह बाहर न निकलें और किसी संक्रमण का शिकार होने से बचें। जरूरतमंद लोगों की अपील पर उन तक दवा पहुंचाने का भी काम किया जा रहा है।