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दूसरे चरण में लालू -नीतीश की प्रतिष्ठा दांव पर

lnपटना। बिहार में दूसरे चरण के तहत 17 अप्रैल को होने वाले चुनाव को लेकर कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपने पैतृक जनपद नालंदा में जनता दल (युनाइटेड) के उम्मीदवार को विजयी बनाना जहां सियासी प्रतिष्ठा का सवाल है  वहीं राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद की प्रतिष्ठा पाटलिपुत्र सीट बनी हुई है। यहां लालू की पुत्री को लालू के ही ‘हनुमान’ कहे जाने वाले रामकृपाल से कड़ी टक्कर मिल रही है। बिहार में दूसरे चरण में सात संसदीय क्षेत्रों -पाटलिपुत्र  पटना साहिब  नालंदा  मुंगेर  बक्सर  आरा और जहानाबाद- में मतदान होना है। अगर उम्मीदवारों पर नजर डाला जाए तो दूसरे चरण में नेताओं के अलावा दो फिल्म अभिनेता  दो चिकित्सक और एक पूर्व भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी भी चुनाव मैदान में खम ठोंक रहे हैं। पूर्व में पटना संसदीय क्षेत्र का दो भागों में बंटने के बाद अस्तित्व में आए पटना साहिब में भाजपा के टिकट पर फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा अपनी दूसरी जीत के लिए जहां संघर्ष कर रहे हैं  वहीं कांग्रेस की टीम से चुनावी पिच पर उतरे कुणाल सिंह ने इस बार सिन्हा को ‘खामोश’ करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। जद (यू) के टिकट पर भाग्य आजमा रहे चिकित्सक गोपाल प्रसाद सिन्हा भी इस लड़ाई को त्रिकोणात्मक बनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहते।

पटना की दूसरी सीट पाटलिपुत्र का चुनाव पूरे राज्य में सबसे ज्यादा दिलचस्प बना हुआ है। लालू प्रसाद की पुत्री मीसा भारती जहां पाटलिपुत्र से चुनाव मैदान में उतरकर अपने पिता की राजनीतिक विरासत संभालने के लिए पूरी कोशिश में लगी हुई हैं  वहीं प्रारंभ से राजद में रहकर राजनीति करने वाले रामकृपाल भाजपा के टिकट पर पाटलिपुत्र के मैदान में कूद गए हैं। जद (यू) ने यहां मौजूदा सांसद रंजन प्रसाद यादव को उम्मीदवार बनाया है। बिहार के मुख्यमंत्री के गृह जिले नालंदा भी प्रतिष्ठा की सीट बनी हुई है। इस सीट पर कब्जा बरकरार रखने के लिए न केवल मुख्यमंत्री बल्कि पूरा जद (यू) प्रयासरत है। मुख्यमंत्री भी नालंदा में कई चुनावी सभा कर मतदाताओं को आकर्षित करने में लगे हैं। जद (यू) यहां से कौशलेन्द्र कुमार को जबकि कांग्रेस ने यहां से पूर्व पुलिस महानिदेशक आशीष रंजन सिन्हा पर दांव लगाया है।

आरा संसदीय क्षेत्र से भाजपा ने पूर्व गृह सचिव आऱ के़ सिंह को जबकि जद (यू) ने मीना देवी और राजद ने भगवान सिंह कुशवाहा को मैदान में उतारा है। मुंगेर सीट पर जद (यू) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ललन सिंह की प्रतिष्ठा दांव पर है। उनका मुकाबला लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के बाहुबली नेता सूरजभान की पत्नी और लोजपा उम्मीदवार वीणा देवी और राजद की प्रगति मेहता से है। पौराणिक क्षेत्रों में शुमार बक्सर सीट पर भी मतदाता 17 अप्रैल को अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। बक्सर सीट पर इस चुनाव में पूर्व मंत्री और भाजपा नेता अश्विनी चौबे जहां पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं  वहीं उनको राजद के जगदानंद सिंह से कड़ी टक्कर मिल रही है। जद (यू) के श्यामलाल कुशवाहा और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के ददन पहलवान भी यहां से ताल ठोंक रहे हैं। जहानाबाद संसदीय क्षेत्र के निवर्तमान सांसद जगदीश शर्मा के चारा घोटाले के एक मामले में सजा हो जाने के कारण चुनाव लड़ने पर पाबंदी के कारण जद (यू) ने व्यवसायी अनिल शर्मा को जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ओर से राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के अरुण कुमार चुनाव मैदान में है। जबकि राजद ने पुराने सांसद सुरेन्द्र प्रसाद यादव पर विश्वास जताया है।

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