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नक्सलियों के 10 सवालों के आप ने दिए जवाब

pरायपुर । छत्तीसगढ़ के लोकसभा चुनाव में नक्सलियों के 1० सवालों का जवाब आम आदमी पार्टी (आप) की तरफ से आ गया है। बस्तर से पार्टी प्रत्याशी सोनी सोरी के पक्ष में प्रचार के लिए छत्तीसगढ़ पहुंचे वरिष्ठ वकील और आप के नेता प्रशांत भूषण ने इन सवालों के जवाब दिए। प्रशांत भूषण की राय में नक्सलवाद कांग्रेस और भाजपा की दोषपूर्ण नीतियों के कारण पैदा हुआ है। उनकी नीतियों के कारण आदिवासी क्षेत्रों में बदलाव नहीं हुआ। दोनों पार्टियां बड़ी-बड़ी कंपनियों के मुनाफे के लिए प्राकृतिक संसाधनों जल जंगल और जमीन का शोषण कर रही हैं। आदिवासी की चिंता कोई नहीं करता। जब तक नीतियां स्थानीय आदिवासियों के हक में नहीं बनेंगी तब तक इस समस्या का समाधान नहीं होगा। नक्सलवाद पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा की शोषणपूर्ण गलत नीतियों के कारण यह समस्या पैदा हुई है। इसका समाधान गोली से नहीं नीतियों में बदलाव से ही हो सकता है।

नक्सलियों के सवाल :

1.भाजपा और कांग्रेस विदेशी कंपनियों के लिए लाल कालीन बिछाती हैं। आप क्या करेंगे?

2. पूर्व जम्मू-कश्मीर में सशस्त्र बल विशेष कानून के जरिए जनता के अधिकारों को कुचला जा रहा है। आप क्या करेंगे?

3. बहुराष्ट्रीय कंपनियों व बड़े पूंजीपतियों के लिए देश के खनिज भंडारों को लूटने के लिए खोल दिया गया है। जनता को उजाड़ा जा रहा है। भ्रष्टाचार फैलाने वाले कापोर्रेट घरानों को आप कैसे रोकेंगे?

4. सर्वव्यापी भ्रष्टाचार के खिलाफ ठोस प्रोग्राम क्या है?

5. क्या रिटेल में 51% एफडीआई की छूट देंगे?

6. कांग्रेस-भाजपा की तरह आप भी विदेशी कंपनियों पूंजीपतियों के अनुकूल आर्थिक नीति बनाएंगे या अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए कुछ नया करेंगे?

7. शासक वर्ग जन आंदोलनों का जवाब लाठी- गोली से दे रहा है। क्या आप भी जनांदोलनों का गला घोटेंगे?

8. जनता भुखमरी की शिकार है और मात्र 2० रुपये में गुजारा कर रही है वहीं देश के बजट का 77 फीसदी हिस्सा सैन्यकरण पर खर्च हो रहा है। क्या आप भी सेना पर ही ध्यान देंगे या जनता के पक्ष में नीतियां बनाएंगे?

9. देश के शासक वर्ग ने हमारी पार्टी भाकपा (माओवादी) को आंतरिक सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए जनता के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है। क्या आप भी आदिवासी जनता को विस्थापित करेंगे?

1०. ऑपरेशन ग्रीनहंट के तहत आदिवासियों पर अत्याचार हो रहा है। क्या आप दोषियों को सजा दिलाएंगे?

प्रशांत भूषण के जवाब :

-हम विदेशी पूंजी निवेश का विरोध नहीं कर रहे हैं। रोजगार व फायदे को देखकर तय किया जाना चाहिए।

-इस कानून की समीक्षा की जानी चाहिए। मानवाधिकारों के उल्लंघन की छूट किसी को भी नहीं दी जा सकती।

-आदिवासियों को उनके जल जंगल और जमीन से दूर किए जाने का हम विरोध करते हैं।

-हमारा मकसद सत्ता परिवर्तन नहीं व्यवस्था परिवर्तन है। हम भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं।

-मैंने पहले ही कहा हम विदेशी पूंजीनिवेश के खिलाफ नहीं हैं लेकिन एफडीआई के पूरी तरह खिलाफ हैं।

-हमारी आर्थिक नीति देशहित में रहेगी।

-पार्टी जनआंदोलन से खड़ी हुई है। हम जनआंदोलनों के दमन का विरोध करते हैं।

-सैन्य खर्च कम किया जाना चाहिए। हमारी राय में विदेशों से जो महंगे हथियार खरीदे जा रहे हैं उसका खर्च कम किया जाना चाहिए।

-जब तक हम यह नहीं देखेंगे कि आखिर क्यों कोई नक्सली बन रहा है क्यों हथियार उठा रहा है तब तक इस समस्या का हल नहीं हो सकता। हम चाहते हैं कि नक्सलवाद की समस्या खत्म हो। लोग अपने हथियार छोड़ें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में जुड़ जाएं।

-हम हर तरह के मानवाधिकार के हनन का विरोध करते हैं। नि>ित रूप से यदि कहीं शोषण अन्याय अत्याचार हुआ है तो उसके दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।

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