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पर्चा लीक की पुष्टि के बाद परीक्षा रद्द करने की सिफारिश

up pcs examलखनऊ/इलाहाबाद : यूपी लोकसेवा आयोग की पीसीएस प्री परीक्षा रविवार को इलाहाबाद सहित प्रदेश के 20 जिलों में हुई। लखनऊ में सुबह पहली पाली में ही पेपर आउट होने के बावजूद प्रदेश में सभी केन्द्रों में दोनों चरणों की परीक्षा कराई गई। पेपर लीक की जांच में एसटीएफ को लगाया गया है। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने कहा कि एसटीएफ की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य सरकार इस पर आगे की कार्रवाई करेगी। उधर डीजीपी एके जैन ने राज्य सरकार को पीसीएस प्री परीक्षा का पेपर रद्द करने की सिफारिश भेजी है। हालांकि लोकसेवा आयोग के सचिव रिजवानुर्रहमान ने पीसीएस प्री का पेपर लीक होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की जांच रिपोर्ट जब आएगी तब देखा जाएगा। इस असमंजस ने परीक्षा पर सवालिया निशान लगा दिया है। लखनऊ में आउट हुआ पेपर व्हाट्सएप के जरिए वाइरल हुआ तो पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया। कुछ देर में कई परीक्षा केन्द्रों पर मूल पर्चे की फोटो प्रतियां कई लोगों के पास दिखने लगीं। चर्चा होती रही कि व्हाट्स एप की मदद से पर्चा लीक हुआ है। आयोग के इतिहास में पेपर लीक होने की यह पहली घटना बताई जा रही है। उधर एसटीएफ ने देर शाम पर्चा लीक कराने में शामिल रहे गिरोह के तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। एसटीएफ की तीन टीमों ने दो जिलों में कई जगह पर छापेमारी की। पेपर लीक कराने में शामिल गिरोह तक पहुंचने के लिए दर्जनों मोबाइल नंबर सर्विलांस पर लगाए गए हैं।
मिलाने के बाद पर्चा लीक होने की पुष्टि
लखनऊ में पर्चा आउट होने की सूचना को पुख्ता करने के लिए डीजीपी ने व्हाट्सएप के जरिये भेजे गए पेपर का मिलान कराया। वाट्सएप के जरिये पेपर लीक होने की पुष्टि होने के बाद एसटीएफ ने यह जानकारी पुलिस के आला अधिकारियों को भेजी। पेपर आउट होने की पुष्टि हो जाने के बाद डीजीपी ने राज्य सरकार को पीसीएस प्री परीक्षा का पेपर रद्द करने की सिफारिश भेजी है। उधर, पहली पाली में परीक्षा देकर बाहर निकले प्रतियोगी पेपर लीक होने की जानकारी मिलने पर निराश दिखे। अभ्यर्थी आशंकित थे कि दूसरी पाली की परीक्षा होगी या नहीं। माना जा रहा है कि पूरे प्रदेश में बवाल की आशंका के मद्देनजर दूसरी पाली की परीक्षा नहीं रोकी गई। इलाहाबाद में आयोग के दफ्तर पर पुलिस और पीएसी समेत भारी संख्या में फोर्स तैनात कर दी गई। बाद में छात्रों ने आयोग दफ्तर के सामने नारेबाजी की और आयोग अध्यक्ष का पुतला फूंका। इधर मामले की जांच में जुटी एसटीएफ की टीम उत्तर प्रदेश के साथ दिल्ली, बिहार और मध्य प्रदेश के कुछ गिरोहों पर भी नजर गड़ाए हुए है। रेलवे और मेडिकल पेपर लीक करने में शामिल बताए जाने वाले कुछ लोगों से एसटीएफ ने पूछताछ शुरू कर दी। एसटीएफ व्हाट्सएप मैसेज के जरिये मोबाइल नंबरों की उस चेन को तैयार करने में जुटी है जिससे पेपर एक-दूसरे को भेजे गए।

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