National News - राष्ट्रीयPolitical News - राजनीतिState News- राज्य

ममता ने मोदी सरकार पर प्रतिशोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया

कोलकाता: शहीद दिवस पर अपने भाषण के दौरान केंद्र पर निशाना साधने के एक दिन बाद, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को पेगासस मुद्दे पर केंद्र की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि मीडिया हाउस दैनिक भास्कर के कार्यालय पर छापेमारी (नरेंद्र) मोदी सरकार के प्रतिशोधात्मक रवैये का नतीजा है। उन्होंने एक बार फिर से सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे आगे आएं और केंद्र में कथित निरंकुश सरकार को हराने और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को बचाने के लिए एकजुट हों।

गुरुवार को देश भर में दैनिक भास्कर के कई कार्यालयों में की गई आयकर विभाग की छापेमारी के लिए केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए बनर्जी ने कहा, यह पत्रकारों को डराने और लोगों की आवाज को दबाने का एक प्रयास है। दैनिक भास्कर पेगासस मुद्दे पर और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गंगा में फेंके गए शवों पर साहसपूर्वक रिपोटिर्ंग कर रहा है, इसलिए उन्हें प्रताड़ित किया गया है। मैं इसकी कड़ी निंदा करती हूं।

पेगासस मुद्दे को आपातकाल से भी अधिक खतरनाक और अमेरिका में वाटरगेट कांड से भी बड़ा बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, आज हर कोई खतरे में है। न्यायपालिका खतरे में है। राजनीतिक दलों को बोलने की अनुमति नहीं है। नागरिक समाज की आवाजों का गला घोंट दिया जाता है। सभी निष्पक्ष संगठनों का राजनीतिकरण किया जाता है। सभी एजेंसियां पेगासस के डर में रहती हैं। यहां तक कि मंत्री और उनकी अपनी पार्टी (भाजपा) के नेता भी सुरक्षित नहीं हैं।

बनर्जी ने कहा, अगर जज कमजोर हो जाते हैं, पत्रकार असुरक्षित हो जाते हैं, अगर नागरिक समाज डर जाता है, तो लोकतंत्र कहां है? यह निरंकुशता है। एक बार हम मानते थे कि व्हाट्सएप पर बोलना सुरक्षित है, लेकिन अब हम जानते हैं कि यह अब सुरक्षित नहीं है। फेसटाइम भी हैक किया जा सकता है। हमारे सभी फोन कॉल रिकॉर्ड किए जा रहे हैं। तो हम कहां जाएं? हर कोई डर में जी रहा है।

यह स्पष्ट करते हुए कि वह उन कई लोगों में से हैं, जो आगे आना चाहते हैं और देश में सभी भाजपा विरोधी ताकतों को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना चाहते हैं, मुख्यमंत्री ने कहा, भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यह हमारी जिम्मेदारी है कि इसकी रक्षा की जाए, वरना देश के लोग हमें कभी माफ नहीं करेंगे। हम निष्पक्ष न्याय चाहते हैं। हम अपना सिर नहीं झुकाएंगे। हमें इसे एक साथ लड़ने की जरूरत है।

बनर्जी ने कहा, अगर मुझे अनुमति दी गई तो मैं संसद जाने की कोशिश करूंगी। अगर मैं जाती हूं, तो मुझे कई नेताओं से मिलने का अवसर मिलेगा। मैं अभी आश्वासन नहीं दे सकती कि मैं किनसे मिलूंगी, लेकिन बहुत से हैं, जो मुझसे बात करना चाहते हैं। मुझे समय और स्थिति देखने दो, तभी मैं अंतिम निर्णय लूंगी।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Dastak Times के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...

Related Articles

Back to top button