International News - अन्तर्राष्ट्रीय

मानवाधिकार मामले को लेकर श्रीलंका सरकार की आलोचना

stokलंदन (एजेंसी)। ब्रिटिश सांसदों की विदेश मामलों की एक समिति ने ब्रिटेन सरकार की इस बात को लेकर कड़ी आलोचना की है कि उसने मानवाधिकार उल्लंघन मामले में श्रीलंका सरकार के बदतर रिकार्ड के बावजूद उसे राष्ट्रकुल देशों की बैठक के लिए चुना है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ब्रिटिश सरकार को श्रीलंका मे मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों को देखते हुए सधा हुआ रुख अपनाना चाहिए। कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने इस बैठक में हिस्सा लेने से मना कर दिया है।  गौरतलब है कि वर्ष 2००9 में लिट्टे के खिलाफ शुरू किए गए श्रीलंका सरकार के अंतिम अभियान के दौरान मानवाधिकारों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई थीं। संयुक्त राष्ट्र ने भी इसका विरोध किया था। उस दौरान कई हजार नागरिक भी मारे गए थे। इस समिति ने कहा है कि श्रीलंका में उस युद्ध के खात्में के बाद से अब तक मानवाधिकारों के मामले में कोई खास प्रगति नहीं हुई है और वहां वकील, पत्रकारों तथा प्रचार अभियान से जुडे़ लोगों पर हो रहे बर्बर अत्याचारों से सरकार वाकिफ है। इसमें श्रीलंका सरकार की इस बात को लेकर भी कड़ी आलोचना की गई है कि वह लिट्टे के खिलाफ छेड़े गए अभियान के दौरान हुए युद्ध अपराधों के खिलाफ स्वतंत्र जांच आयोग के गठन में असफल रही है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख नवी पिल्लै ने पिछले माह कहा था कि श्रीलंका सरकार अधिनायकवादी रवैये की तरफ बढ़ रही है।

Unique Visitors

13,481,196
नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Dastak Times के  Facebook  पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें... A valid URL was not provided.

Related Articles

Back to top button