
दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली देश की सबसे तेज रफ्तार ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और उसके साथ ही वह भी ट्रेन में सवार हो गए। इससे पहले पीएम मोदी ने पुलवामा हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए देश के दुश्मनों को कड़ा संदेश दिया है कि देश डरने वाला नहीं है। देश की सेना को खुली छूट दे दी गई है और वह शहीदों के बलिदान को जाया नहीं जाने देगी और दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देगी। इसके साथ ही अपने भाषण से पहले पीएम मोदी ने दो मिनट का मौन भी रखा।
पुलवामा के शहीदों पर बोलने के बाद पीेएम मोदी ने वंदे भारत एक्सप्रेस के इंजीनियरों को बधाई दी कि उन्होंने देश की पहली बिना इंजन वाली ट्रेन बनाई। उन्होंने देश में रेलवे की दिशा बदलकर रख दी। पीएम ने कहा कि देश के विकास में योगदान देने वाले इंजीनियरों और जवानों को नमन करते हैं उनके द्वारा किए गए विकास को नमन करते हैं।
दिल्ली से वाराणसी के बीच ट्रायल रन के दौरान 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़कर यह देश की सबसे तेज रफ्तार वाली ट्रेन बन गई। दिल्ली से सुबह 6 बजे चलकर यह दोपहर बाद 2 बजे वाराणसी पहुंचेगी और उसी दिन वाराणसी से दोपहर बाद 3 बजे चलकर रात 11 बजे दिल्ली पहुंचेगी। वंदे भारत सोमवार और बृहस्पतिवार को छोड़कर सप्ताह में पांच दिन चलेगी।
वंदे भारत एक्सप्रेस यानी ट्रेन 18 का अब तक जो समय निर्धारित है उसके हिसाब से वह सुबह 6 बजे दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलेगी और दोपहर 2 बजे वाराणसी पहुंचेगी। इससके स्टॉपेज होंगे कानपुर और प्रयागराज। यह कानपुर सुबह 10.20 बजे पहुंचेगी और प्रयागराज 12.25 बजे पहुंचेगी।
वाराणसी से वापसी में कितने बजे पहुंचेगी स्टॉपेज पर
वापसी में यह वाराणसी से 3 बजे चलेगी और दिल्ली पहुंचेगी 11 बजे। इस दौरान प्रयागराज शाम 4.35 बजे पहुंचेगी और कानपुर 6.30 बजे पहुंचेगी।
वंदे भारत एक्सप्रेस हफ्ते में सिर्फ 5 दिन चलेगी- मंगलवार, बुधवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार। सोमवार और गुरुवार को ट्रेन नहीं चलेगी इस दिन इसमें मेंटेनेंस का काम होगा।
ट्रेन 18 यानी वंदे भारत एक्सप्रेस की खासियत
– देश की पहली बिना इंजन वाली 16 कोच की वंदे भारत एक्सप्रेस को भारतीय इंजीनियरों ने 18 महीने के रिकॉर्ड समय में बनाया है।
– इस पर 97 करोड़ की लागत आई है और इसे इंटिगरल कोच फैक्टरी चेन्नई ने बनाया है। वंदे भारत 30 वर्ष पुरानी शताब्दी एक्सप्रेस की जगह लेगी।
– कुल 16 कोच जो चेयर कार होंगे।
– 16 में से 12 कोच नॉर्मल चेयर कार होंगे और हर बोगी में 78 सीट होंगे।
– 2 कोच एक्जिक्यूटिव टाइप होंगे जिनमें 25 सीट होंगे।
– दो कोच ड्राइविंग कोच होंगे जो नॉर्मल चेयर कार टाइप के ही होंगे।
– रेल अधिकारियों के मुताबिक इस ट्रेन का किराया शताब्दी एक्सप्रेस से 40 से 50 फीसदी ज्यादा हो सकता है। दिल्ली से वाराणसी की दूरी 755 किलोमीटर है।
– इस ट्रेन के एक्जीक्यूटिव का किराया 2800 से 2900 के बीच एवं चेयरकार का 1600 से 1700 के बीच हो सकता है। वहीं, प्रयागराज के लिए एक्जीक्यूटिव श्रेणी में 2400 से 2500 एवं चेयरकार में 1400 से 1500 किराया हो सकता है।
– ट्रेन की बॉडी स्टेनलेस स्टील की होगी।
– हालांकि टेस्टिंग के दौरान यह 180 प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ चुकी है।
– इस ट्रेन में वाई-फाई, जीपीएस पर आधारित यात्री सूचना सिस्टम, प्लश इंटीरियर्स, बायो वैक्यूम टॉयलेट, डिफ्यूस्ड एलईडी लाइटिंग, इंटेलीजेंट एसी आदि।
– इसमें दिव्यांगों के लिए दो स्पेशल कोच बनाया गया है। विदेशों में भी निर्यात करने की योजना रेलवे ने बनाई है।
– एक कोच से दूसरे कोच में जाने के लिए गैंगवे पूरी तरह सील होगा जिससे यात्रियों को परेशानी नहीं होगी।
– पूरी ट्रेन के साथ ही ड्राइवर का केबिन भी एयर कंडीशन होता है।
– ऑटोमैटिक दरवाजे होंगे जहां स्लाइडिंग सीढ़ियां होंगी जिससे उतरने में आसानी होगी।
– ट्रेन को कंट्रोल और रिमोट मॉनीटर के लिए कंप्यूटर भी लगे होंगे।
– फुली सस्पेंडेड ट्रांजेक्शन मोटर।
– 50% पॉवर्ड एक्सल।
– अधिकतम एक्सल लोड- 17 टी।
– शुरुआती एक्सेलेरेशन- 0.7 मी/सेकंड वर्ग।
– डीसीलेरेशन- 0.8 मी/सेकंड वर्ग।
इतना आएगा खर्च
ट्रेन-18 या वंदे भारत एक्सप्रेस के एक्जीक्यूटिव क्लास और चेयर कार के लिए खाने का शुल्क भी अलग-अलग होगा। नई दिल्ली से वाराणसी के बीच एक्जीक्यूटिव क्लास में सफर करने वाले यात्रियों को सुबह की चाय, नाश्ते और लंच के लिए 399 रुपये देने होंगे तो चेयर कार में 344 रुपये पड़ेंगे। नई दिल्ली से कानपुर और प्रयागराज के बीच सफर करने वाले यात्रियों को एक्जीक्यूटिव क्लास में 155 और चेयर कार में 122 रुपये खर्च करने होंगे। वाराणसी से नई दिल्ली की यात्रा के दौरान यात्रियों को एक्जीक्यूटिव क्लास में 349 रुपये और चेयर कार में 288 रुपये खर्च करने होंगे। उन्हें शाम में चाय, स्नैक्स और रात का खाना दिया जाएगा।