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वही मैदान, वैसा ही कमाल, पुजारा ने दिलाई द्रविड़ की याद

वही मैदान, वैसा ही कमाल, फर्क बस इतना कि द्रविड़ की जगह पुजारा हैं। जी हां, साल 2003 में टीम इंडिया ने राहुल द्रविड़ की वजह से एडिलेड के मैदान पर जीत दर्ज की थी और आज पुजारा की वजह से टीम इंडिया ने 15 साल बाद उस इतिहास को दोहराया है।

दरअसल, टीम इंडिया ने चेतेश्वर पुजारा की बेहतरीन पारी की बदौलत सोमवार को ऑस्ट्रेलिया को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। एडिलेड ओवल में खेले गए पहले टेस्ट में टीम इंडिया ने कंगारुओं को 31 रन से मात दी। इस जीत के साथ टीम इंडिया चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। दूसरा टेस्ट 14 दिसंबर से खेला जाएगा।

दरअसल, टीम इंडिया ने चेतेश्वर पुजारा की बेहतरीन पारी की बदौलत सोमवार को ऑस्ट्रेलिया को हराकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। एडिलेड ओवल में खेले गए पहले टेस्ट में टीम इंडिया ने कंगारुओं को 31 रन से मात दी। इस जीत के साथ टीम इंडिया चार मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। दूसरा टेस्ट 14 दिसंबर से खेला जाएगा।
दरअसल, टीम इंडिया की इस ऐतिहासिक जीत को साल 2003 की जीत से जोड़कर देखा जाता है। 15 साल पहले यीम इंडिया ने इसी मैदान पर कंगारुओं पर चार विकेट जीत दर्ज की थी। उस मैच में टीम इंडिया की तरफ से राहुल द्रविड़ ने अहम भूमिका निभाई थी तो आज की इस खास जीत में पुजारा ने अहम रोल निभाया। उस मैच में द्रविडड को मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया था और इस मैच में चेतेश्वर पुजारा को इस अवार्ड से नवाजा गया।टीम इंडिया की तरफ से शानदार प्रदर्शन के लिए चेतेश्वर पुजारा को मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया। पहली बार पुजारा को ऑस्ट्रेलिया में मैन ऑफ द मैच अवार्ड से नवाजा गया। ऑस्ट्रेलिया में मैन ऑफ द मैच अवार्ड हासिल करने वाले वह 10वें भारतीय हैं। हालांकि, वह टेस्ट क्रिकेट में पांचवीं बार मैन ऑफ द मैच के अवार्ड जीते हैं।टीम इंडिया की तरफ से पुजारा ने पहली पारी में 123 और दूसरी पारी में 71 रन की शानदार पारी खेली। वहीं, साल 2003 में भारत की तरफ से राहुल द्रविड़ ने पहली पारी में 233 रन और दूसरी पारी नाबाद 72 रन ठोके थे। 15 साल पहले राहुल द्रविड़ की वजह से टीम इंडिया को 1-0 की बढ़त मिली थी और इस बार पुजारा की वजह से भारतीय टीम ने जीत दर्ज की। इसलिए बीसीसीआई ने दोनों बल्लेबाजों को सलाम करते हुए एक रोचक ट्वीट किया है।
गौरतलब है कि टीम इंडिया ने चेतेश्वर पुजारा के जुझारू शतक की बदौलत पहली पारी में 250 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 235 रन पर ढेर हुई। पहली पारी के आधार पर टीम इंडिया को 15 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में टीम इंडिया ने 307 रन बनाए और मेजबान टीम को 323 रन का लक्ष्य दिया। जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम 291 रन पर ऑल आउट हो गई। वहीं, साल 2003 में कंगारू टीम ने पहली पारी में 556 , जबकि दूसरी पारी में 196 रन बनाई थी। जवाब में टीम इंडिया ने पहली पारी में 523 और दूसरी पारी में 233 रन बनाकर इस मैच में 4 विकेट से जीत दर्ज की थी।