उत्तर प्रदेश

शहर में बढ़ा दो गुना अपराध, इटावा में सर्वाधिक हाइवे लुटेरे

downloadकानपुर: अपराध पर नियंत्रण के लिए अधिकारियों की तमाम कवायदों और वादों के बावजूद कानपुर जोन में जहां पुलिस का इस्तकबाल कमजोर हो रहा है वहीं अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। पिछले साल की अपेक्षा तीन माह में ही कानुपर नगर में जहां लूट और चोरी की घटनाओं में दोगुनी से अधिक वृद्धि हुई है वहीं मुख्यमंत्री के जनपद इटावा में हाइवे पर लुटेरों की संख्या डराने वाली है। जोन के पुलिस अधिकारियों के साथ क्राइम मीटिंग के बाद खुद आईजी जाने आशुतोष पांडेय ने मीडिया के सामने यह आंकड़े पेश किए, साथ ही पुलिस अधिकारियों को घटनाओं पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान आईजी जोन ने बताया कि एक जनवरी 2015 से 31 मार्च तक कानपुर नगर में पिछले साल के 16 मामलों की अपेक्षा इस बार 37 लूट की घटनाएं हुई हैं। पिछले साल जहां चोरी की घटनाएं 184 थी वहीं इस साल यह आंकड़ा 341 पहुंच गया है। इटावा में हाइवे के लुटेरे पुलिस की नाक में दम किए हैं। तीन माह में दो दर्जन से अधिक घटनाएं लूट की हो चुकी हैं। नकबजनी और डकैती में कानपुर देहात में दो गुनी वृद्धि हुई है। फतेहगढ़ में लूट एवं वाहन चोरी, झांसी और ललितपुर में नकबजनी के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। आईजी ने बताया कि तीन माह के दौरान इटावा जनपद में सबसे अधिक 537 अपराधियों को जमानत मिली, इसके बाद कानपुर नगर में 447, देहात में 275, फतेहगढ़ में 291, कन्नौज में 237, झांसी में 141, औरैया में 70 और जालौन में 68 अपराधी जमानत पर छूटे हैं। आंकड़े बता रहे हैं कि सबसे अधिक घटनाएं इटावा और कानपुर में हुई हैं। आईटी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमों में भी कानपुर नगर चार के सापेक्ष 53 घटनाओं के साथ अव्वल है। गोवध अधिनियम लागू होने के बाद औरैया और कानपुर देहात को सबसे अधिक संवेदनशील घोषित करते हुए यहां अधिक सतर्कता के निर्देश दिए हैं।

सीओ स्तर के अधिकारी की निगरानी जरूरी

इससे पहले जोन की क्राइम मीटिंग को संबोधित करते हुए आईजी ने कहा कि गंभीर मामलों की जांच दरोगा पर ही छोड़ देना उचित नहीं है। सीओ स्तर के अधिकारी नियमित थानों में जाकर समस्याएं सुनें। शिकायतों के निस्तारण में उनकी भूमिका क्या रहती है इस पर भी समीक्षा होनी चाहिए। हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी नाम से नहीं बल्कि उनके द्वारा किए गये अपराध के हिसाब से श्रेणी बनाकर की जाए जिससे बड़ी घटना के बाद उन्हें चिन्हित किया जा सके। क्राइम मीटिंग के दौरान डीआईजी रेंज एन चौधरी, एसएसपी कानपुर शलभ माथुर, एसपी फतेहगढ़ विजय यादव, एसपी जालौन सुनील सक्सेना, एसपी ललितपुर प्रभाकर चौधरी, एसपी झांसी, एएसपी कानपुर देहात आदि उपस्थित रहे।

 
 

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