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शहीदों हम शर्मिंदा हैं जाति-बिरादरी जिंदा है : चंद्रमोहन

caनई दिल्ली। परमधाम न्यास के गुरु चंद्रमोहन ने कहा कि हम स्वयं को सुरक्षित तभी रख सकते हैं जब देश सुरक्षित होगा। अगर हम एकजुट नहीं हुए तो सबसे पहले देश फिर हम स्वयं भी खतरे में होंगे। उन्होंने वर्तमान में व्याप्त समस्याओं के लिए जाति व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया और इसे खत्म करने का आह्वान किया।परमधाम न्यास की ओर से 27 फरवरी को रामलीला मैदान से जंतर मंतर तक शहीद चंद्रशेखर आजाद के 83वें बलिदान दिवस के अवसर पर ‘शहीद सम्मान एकजुटता रैली’ की जाएगी।इस कार्यक्रम की जानकारी देते हुए संवाददाता सम्मेलन में चंद्रमोहन ने कहा कि वर्तमान में देश में फैल रहे आतंक-गरीबी-भ्रष्टाचार का कारण भ्रष्ट राजनीति भ्रष्ट राजनीति का कारण जातिवादी राजनीति जातिवादी राजनीति का कारण जाति व्यवस्था है। इससे स्पष्ट होता है कि आतंक गरीबी भ्रष्टाचार का मूल कारण ‘जाति-व्यवस्था’ है। इस जाति व्यवस्था को समाप्त करने का एकमात्र उपाय ‘नव आरक्षण नीति’ है।उन्होंने आगे कहा ‘‘शहीदों ने हमें विदेशियों से आजाद किया और हम अपनों को जाति-भेद से आजाद करें। शहीदों की इच्छा केवल विदेशियों की गुलामी से आजादी दिलाना नहीं था बल्कि वे हमें जाति-भेद की गुलामी से भी आजाद कराना चाहते थे।’’उन्होंने कहा कि क्रांतिकारी हमें आजादी दिलाकर अपना काम पूरा कर गए। अब हमारा काम है जाति-भेद की गुलामी से आजाद होना और कराना। आज देश में भय और लूट का माहौल विदेशी राज से भी ज्यादा खतरनाक बनता जा रहा है। देश में भय और लूट का कारण हमारी फूट है और फूट का कारण जाति-भेद है। उन्होंने कहा कि आज चुनावों में तो 9० प्रतिशत जाति की भावना ही हावी रहती है। योग्यता पीछे छूट जाती है। अगर चुनावों में जाति की भावना इसी तरह हावी रही तो देश फिर से गुलाम हो जाएगा। संसद भवन और विधानसभा लोकतंत्र के पवित्र मंदिर हैं। जब तक इन मंदिरों में जाति व्यवस्था का प्रभाव रहेगा तब तक लोकतंत्र और हम खतरे में रहेंगे।

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