उत्तर प्रदेश

हमारा वेतन एक हजार, कुछ तो शर्म करो सरकार

वेतन वृद्धि की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही आंगनबाडी/रसोइयां कार्यकत्री

मेरठ : महानगर के कमिश्नरी चौराहे पर आंगनबाडी कार्यकत्रियों ने अनोखा प्रदर्शन किया। चौराहे पर भारी संख्या में पहुंची कार्यकत्रियों ने नारेबाजी करते हुए चौराहे के ट्रैफिक को जाम कर दिया और कमिश्नरी गेट पर ताला डालकर उस पर अपना बैनर लटका दिया। इस दौरान कार्यकत्रियों ने नारेबाजी भी की। कार्यकत्री नारेबाजी कर रही थी हमारा वेतन एक हजार कुछ तो शर्म करो सरकार। प्रर्दशन कर रही रसोइयां/आंगनबाडी कार्यकत्रियों का कहना था कि उन्हें मध्याहन भोजन योजनान्तगर्त कार्यरत रसाइयों पद हेतु एक हजार रूपये मानदेय निर्धारित कर रखा गया था। बेसिक षिक्षा मंत्री उप्र की ओर से केद्रीय मंत्री को पत्र भेजकर वेतन बढाने का अनुरोध किया था। जिस पर भारत सरकार स्तर पर आहूत पीएबी की बैठक में रसोइया मानदेय एक हजार से बढाकर दो हजार रूपये प्रतिमाह किए जाने का प्रस्ताव किया गया। लेकिन अभी तक जिलों में उसकी स्वीकृति नहीं पहुंची है। कार्यकत्रियों का कहना है कि उन्हें मिड- डे-मील बनाने के साथ ही अन्य सरकारी योजनाओं के लिए भी काम करना होता है। लेकिन उसका अलग से कोई रूपया नहीं मिलता जो कि उनके साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के भीतर परिसर की सफाई भी रसोइयां कार्यकत्रियों से कराई जाती है। जबकि उसके लिए पहले सफाई कर्मचारी नियुक्त किया हुआ था और उसे पांच हजार रूपये दिए जाते थे। हमको खाना बनाने और सफाई का मात्र एक हजार रूपया।

बताते चले कि करीब एक सप्ताह से मेरठ कमिष्नरी पर आंगनबाडी कार्यकत्री/रसोइयां अपने मानदेय बढाने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। चुनाव के दौरान जिस समय धारा 144 लगी हुई थी उस दौरान भी यह कमिश्नरी चौराहे स्थित बाग में डेरा डाले हुए थी। उनकी पुलिस से भी कई बार झडप हो चुकी है। अधिकारियों ने भी उनसे धरना समाप्त करने को कहा लेकिन वे अपने बच्चों के साथ एक सप्ताह से धरने पर डटीं हैं और उनका कहना है कि वे अपना मानदेय बढवाकर ही धरना समाप्त करेंगी।

https://youtu.be/ZGo8c8ZxBF8

Related Articles

Back to top button