
नई दिल्ली : लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक ही समय पर कराये जाने को लेकर पिछले लंबे समय से चर्चा चल रही है। वहीं अब इस मुद्दे पर बात करते हुए बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
नीतीश का कहना है कि, लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक ही समय पर कराना संभव नहीं है। हालांकि यह प्रक्रिया काफी अच्छी है। तो नीतीश के इस बयान से ऐसा लग रहा है कि, वह एक तरफ मोदी सरकार के इस फैसले को स्पोर्ट भी कर रहे हैं, तो वहीं जमीनी स्तर पर इसको कराये जाने को लेकर असमंजस की स्थिति को भी बता रहे हैं। नितीश आगे कहते हैं कि, हम विकास की बात नहीं करते, न्याय के साथ विकास की बात करते हैं। विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि चंद कारखाने लगाने और बड़े लोगों को लाभ देने से ही विकास नहीं होता। लोगों को भड़काना और उल्टा-पुल्टा समझाना कुछ लोगों की आदत है। हमें इन सब से कोई लेना देना नहीं है। नीतीश ने आज एक सभा को संबोधित करते हुए यह बातें जनता के समक्ष कही और चुनाव प्रक्रिया पर भी अपनी राय रखी।
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि एससी-एसटी कल्याण विभाग के पुराने और जर्जर भवन का पुनर्निर्माण किया गया है। छात्रों के लिए सभी बुनियादी सुविधाएं दी गई हैं। लेकिन फिर भी लगा कि इन छात्रों को कुछ और मिलना चाहिए। छात्र-छात्राओं को और मदद करनी चाहिए तो हमने इस योजना की आज शुरुआत की है। सीएम ने कहा कि केंद्र सरकार से हमने इन छात्र-छात्राओं को बीपीएल दर पर अनाज देने की बात की और उसके बाद हमने फैसला लिया कि छात्रों को 1000 अनुदान राशि भी देंगे। हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट है। ऐसे में अब देखना होगा की क्या पीएम मोदी का यह फैसला कारगर होगा या नहीं।
बहरहाल वन नेशन वन इलेक्शन को लेकर पिछले कई दिनों से बहस चल रही है। यह कोई पहला मामला नहीं है जब नीतीश कुमार ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। इससे पहले भी कई नेता इस मुद्दे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं।