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अभी-अभी: मोदी सरकार ने छीना पाकिस्‍तान से MFN का दर्जा

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए सबसे बड़े आत्मघाती हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस हमले में देश के 37 जवान शहीद हो गए हैं, जबकि 30 से ज्‍यादा जवान अभी भी घायल हैं. इस हमले को लेकर देश में गुस्‍से का माहौल है और बदला लेने की मांग की जा रही है. इस बीच शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक हुई. इस बैठक में पड़ोसी देश पाकिस्‍तान के खिलाफ बड़ा फैसला लिया गया है. दरअसल, पाकिस्तान को दिया हुआ मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) का दर्जा वापस ले लिया गया है. लेकिन सवाल है कि MFN क्‍या है और इसके छिन जाने से पाकिस्‍तान पर क्‍या असर पड़ेगा.
अभी-अभी: मोदी सरकार ने छीना पाकिस्‍तान से MFN का दर्जा
क्या है मोस्‍ट फेवर्ड नेशन
MFN यानि मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा मिलने वाले देश को व्यापार संबंधी सुविधाएं मिल जातीं हैं. मसलन, पाकिस्तान को अधिक आयात कोटा और कम ट्रेड टैरिफ मिलता है. वहीं मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा लेने वाला देश इस बात को लेकर आश्वस्त रहता है कि उसे व्यापार में कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. आसान भाषा में समझें तो पाकिस्‍तान को इस बात का भरोसा था कि किसी भी हालात में आर्थिक मोर्चे पर भारत नुकसान नहीं पहुंचाएगा.

मोस्‍ट फेवर्ड नेशन स्‍टेटस के तहत पाकिस्‍तान के व्‍यापारियों को वे सभी सुविधाएं और रियायतें मिल रहीं हैं, जो भारत दूसरे देशों को देता है. दर्जा छिन जाने के बाद इन रियायतों और सुविधाओं पर भी कैंची चल सकती है.

भारत ने क्‍यों दिया था दर्जा
विश्‍व व्‍यापार संगठन (डब्‍ल्‍यूटीओ) के सदस्‍य के तौर पर हर देश को एक-दूसरे को मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा देना होता है. हालांकि यह अनिवार्य नहीं होता है. बता दें कि भारत ने 1996 में पाकिस्‍तान को मोस्‍ट फेवर्ड नेशन का दर्जा दिया था. हालांकि, पाकिस्तान ने आश्वासन देने के बावजूद भारत को अब तक MFN दर्जा नहीं दिया है. वहीं जम्‍मू-कश्‍मीर के उरी अटैक के बाद पहली बार पाकिस्तान के MFN दर्जा को लेकर भारत ने रिव्‍यू किया था.

आर्थिक मोर्चे पर भारत-पाकिस्‍तान
दिसंबर 2018 में वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट आई थी. इस रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच 2 अरब डॉलर (14 हजार करोड़ रुपये) का व्यापार हो रहा है. रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया था कि दोनों देशों के बीच व्‍यापार 37 अरब डॉलर (2.62 लाख करोड़ रुपये) तक बढ़ाया जा सकता है. वहीं एसोचैम के मुताबिक पाकिस्तान के साथ होने वाला व्यापार भारत के कुल अंतरराष्ट्रीय व्यापार का 0.41% है. वहीं अगर भारत में होने वाले आयात में से पाकिस्तान से होने वाला आयात महज 0.13 फीसदी है.

क्‍या निर्यात करता है भारत
फिलहाल पाकिस्‍तान को भारत प्रमुख रूप से चीनी, चाय, ऑयल केक, पेट्रोलियम ऑयल, कॉटन, टायर, रबड, समेत 14 वस्‍तुओं का निर्यात करता है. वहीं भारत, पाकिस्‍तान से अमरूद, आम, अनानास, फ्रेबिक कॉटन, साइक्लिक हाइड्रोकॉर्बन, पोर्टलैंड सीमेंट, कॉपर वेस्‍ट और स्‍क्रैप जैसे प्रोडक्‍ट आयात करता है.

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