अयोध्या में पहचान पत्र जरुरी

फैजाबाद (एजेंसी)। आतंकी खतरे की आहट से अयोध्या की चिता बढ़ गई है। साधु वेशधारी आतंकी धर्मस्थलों को निशाना बना सकते हैं। इस खुफिया इनपुट ने रामनगरी की सुरक्षा को लेकर पुलिस की नींद उड़ा दी है। मंदिरों के गढ़ अयोध्या में गली-गली रामधुन गाने वाले साधुओं का बसेरा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु हमेशा यहां मौजूद रहते हैं। ऐसे में अयोध्या की हिफाजत को लेकर सुरक्षा तंत्र ने निगरानी के लिए नई गाइड लाइन जारी की है। नई गाइड के मुताबिक, तीर्थयात्री के लिए पहचान पत्र रखना अनिवार्य है। श्रद्धालु व यात्रियों के ग्रुप में यदि किसी सदस्य के पास अपरिहार्य स्थिति में आइडी प्रूफ नहीं है तो किसी एक सदस्य से होटल, धर्मशाला व आश्रम के जिम्मेदार बंध पत्र भरवाकर सूचना क्षेत्र के थाने पर देंगे। प्रत्येक पर्यटक अथवा श्रद्धालु की डिजिटल फोटोग्राफी कराकर रजिस्टर में ब्योरा सुरक्षित रखने को भी चेताया गया है। कोई व्यक्ति अयोध्या में लंबे समय से प्रवास कर रहा है तो उसकी भी सूचना पुलिस व खुफिया एजेंसी को देने का निर्देश है। यात्रियों से मिलने के लिए कौन-कौन से लोग आए उनका रिकॉर्ड सीसीटीवी फुटेज के साथ होटल, धर्मशाला में रखना होगा। विवादित परिसर के आसपास फोटोग्राफी प्रतिबंधित है इसकी भी जानकारी श्रद्धालु अथवा यात्रियों को देनी होगी। होटल, धर्मशाला, आश्रम के संचालकों को यात्रियों के वाहनों का रजिस्ट्रेशन नंबर भी रजिस्टर में दर्ज करना होगा।