
‘आंखें बंद करिए, आपको कुछ गिफ्ट देना है’, यशस्विनी ने मुख्यमंत्री योगी को भेंट किया बुलडोजर खिलौना
मासूम बच्चों को गिफ्ट व चॉकलेट देकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कानपुर की 5 वर्षीय यशस्विनी सिंह के ‘गिफ्ट’ ने हंसने पर मजबूर कर दिया। यशस्विनी ने सीएम से कहा, ‘आपके लिए गिफ्ट लाएं हैं, पहले आंखें बंद करिए।’ इसके बाद यशस्विनी ने एक छोटा सा बुलडोजर (खिलौना) मुख्यमंत्री के हाथों में सौंप दिया। सरप्राइज गिफ्ट देखते ही सीएम योगी भी हंस पड़े।
दरअसल, सीएम योगी आदित्यनाथ आज शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में अपनी पारंपरिक दिनचर्या के तहत भ्रमण कर रहे थे। उसी दौरान उनकी नजर 5 वर्षीय यशस्विनी सिंह पर पड़ी, जो अपने अभिभावकों के साथ कानपुर से आई थी। सीएम ने यशस्विनी को अपने पास बुलाया, उसे चॉकलेट दी और बातचीत की। तभी यशस्विनी ने मुख्यमंत्री से कहा कि ‘आपके लिए एक गिफ्ट लाए हैं, आप आंखें बंद करिए।’ सीएम ने मुस्कुराते हुए उसकी बात मान ली तो यशस्विनी ने उनके हाथों में एक छोटा सा बुलडोजर सौंप दिया।
गिफ्ट देखकर मुख्यमंत्री समेत वहां मौजूद सभी लोगों के चेहरों पर हंसी बिखर गई। यशस्विनी ने मुख्यमंत्री से कहा कि ‘आपको बुलडोजर प्रिय है, इसलिए मैं आपको गिफ्ट कर रही हूं।’
यशस्विनी सिंह कानपुर के प्रताप इंटरनेशनल कॉलेज में नर्सरी की छात्रा है। वह अपने पिता अभय सिंह राजावत व मां प्रियदम्वा सिंह के साथ गोरक्षपीठाधीश्वर से आशीर्वाद लेने के लिए गोरखपुर आई थी। यशस्विनी मुख्यमंत्री से मिलकर बहुत खुश नजर आई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें मासूम बच्ची यशस्विनी मुख्यमंत्री योगी को बुलडोजर खिलौना दे रही थी। इस दौरान वहां मौजूद लोग हंसते हुए नज़र आए। बाद में सीएम योगी ने वह खिलौना बच्ची को वापस दिया। उन्हें यशस्विनी को अच्छे से पढ़ाई करने के लिए कहते हुए सुना गया।
योगी आदित्यनाथ के कार्यालय ने पोस्ट में लिखा, “यह नन्हा-सा उपहार बड़े विश्वास का प्रतीक है, यह भरोसे की मासूम अभिव्यक्ति है। आज गोरखनाथ मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कानपुर की पांच वर्षीय यशस्विनी ने बुलडोजर खिलौना भेंट किया।”
यशस्विनी ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मैंने उन्हें बुलडोजर दिया है, क्योंकि उन्हें बुलडोजर पसंद है। उन्होंने (मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ) ने मुझसे कहा कि खूब खेलना और खूब पढ़ाई करना। उनसे मिलकर अच्छा लगा।”



