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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मीडिया से चल रहे ठंडे रिश्तों में गरमाहट लाने का संकेत देते हुए कहा कि वह उससे और गहरा, व्यापक और रू-ब-रू संपर्क बनाने की जल्द व्यवस्था करेंगे। भाजपा मीडिया प्रकोष्ठ द्वारा यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित दिवाली मंगल मिलन के अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित मीडिया से मुखातिब होते हुए मोदी ने यह वादा किया। वर्ष 2001 में गुजरात का मुख्यमंत्री बनने से पहले यहां भाजपा मुख्यालय में कुछ साल गुजारने वाले मोदी ने उन दिनों को याद करते हुए कहा कि मैं भी कभी यहां आपके इंतजार में कुर्सियां लगाया करता था। कुछ वर्ष पूर्व आप लोगों से बहुत ही गहरा नाता रखता था मैं । वे दिन भी कुछ और थे। खुल कर बातें होतीं थीं, काफी दोस्ताना संबंध रहा आपसे और उसका लाभ मुझे गुजरात में भी मिला। मीडिया से फिर से वैसा नाता बनाने का संकेत देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं भी कुछ रास्ता खोज रहा हूं कि आपसे वो पुराना नाता और अधिक गहरा, और अधिक व्यापक कैसे बने। समय का सदुपयोग कभी कभी आपके साथ भी कैसे हो। इसका रास्ता कुछ दिनों में मिल जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसा होने से आपको मीडिया के जरिए से समझने की बजाय रू-ब-रू समझने से ज्यादा फायदा होगा। बहुत सी चीजें जो आप लिख नहीं पाते हैं लेकिन आपसे बातचीत से बहुत सी चीजें निकलती हैं। सिर्फ इन्फर्मेशन नहीं मिलती बल्कि कभी कभार दृष्टि भी मिलती है और यह बहुत मूल्यवान है। अपने महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत अभियान को फैलाने में मीडिया के योगदान को स्वीकार करते हुए मोदी ने कहा कि आपने कलम को ही झाडू में कनवर्ट कर दिया, मैं समझता हूं यह बहुत बड़ी सेवा है। केवल पीएम के हाथ में झाड़ू ले लेने से ऐसा नहीं होने वाला था। मोदी ने अपने महत्वाकांक्षी स्वच्छ भारत अभियान के प्रति जागरूकता फैलाने में मीडिया के योगदान को स्वीकार करते हुए आज कहा कि वह पत्रकारों से और गहरा, व्यापक और रूबरू संपर्क बनाने की जल्द व्यवस्था करेंगे।
प्रधानमंत्री बनने के बाद मीडिया से सीधे पहली बार मुखातिब होते हुए मोदी ने सैकड़ों की तादाद में एकत्र मीडिया जगत के लोगों का धन्यवाद किया और कहा कि स्वच्छ भारत अभियान को लेकर बड़े पैमाने पर जागरूकता फैला कर मीडिया ने इस पुरानी सोच को बदलने में मदद की है कि हर काम की जिम्मेदारी केवल सरकार की होती है। उन्होंने भाजपा मीडिया प्रकोष्ठ द्वारा यहां पार्टी मुख्यालय में आयोजित दिवाली मंगल मिलन के अवसर पर यह बात कही। वर्ष 2001 में गुजरात का मुख्यमंत्री बनने से पहले यहां भाजपा मुख्यालय में कुछ साल गुजारने वाले मोदी ने उन दिनों को याद करते हुए कहा, मैं भी कभी यहां आपके (पत्रकारों के) इंतजार में कुर्सियां लगाया करता था। कुछ वर्ष पूर्व आप लोगों से बहुत ही गहरा नाता रखता था मैं। वे दिन भी कुछ और थे। खुल कर बातें होतीं थीं, काफी दोस्ताना संबंध रहा आपसे और उसका लाभ मुझे गुजरात में भी मिला। मीडिया से फिर वैसा नाता बनाने का संकेत देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, मैं भी कुछ रास्ता खोज रहा हूं कि आपसे वो पुराना नाता और अधिक गहरा, और अधिक व्यापक कैसे बने। समय का सदुपयोग कभी-कभी आपके साथ भी कैसे हो। इसका रास्ता कुछ दिनों में मिल जाएगा। उन्होंने कहा, ऐसा होने से आपको मीडिया के जरिए से समझने की बजाय रूबरू समझने से ज्यादा फायदा होगा। बहुत सी चीजें जो आप लिख नहीं पाते हैं लेकिन आपसे बातचीत से बहुत सी चीजें निकलती हैं। सिर्फ इन्फॉर्मेशन नहीं मिलती बल्कि कभी कभार दष्टि भी मिलती है और यह बहुत मूल्यवान है।
प्रधानमंत्री ने कहा, आपने कलम को ही झाडू में कनवर्ट कर दिया, मैं समझता हूं यह बहुत बड़ी सेवा है। केवल पीएम के हाथ में झाडू ले लेने से ऐसा नहीं होने वाला था। उन्होंने कहा, आपमें से कई 15-20 साल से कॉलम लिख रहे होंगे लेकिन सफाई पर शायद पहली बार लिखा होगा। 80 प्रतिशत लेखों में सरकार की आलोचना भी हुई कि ऐसा कैसे होगा, इसके लिए व्यवस्था क्या की गई है, कूड़ा कहां डालेंगे। उन्होंने कहा, इस आलोचना के बावजूद जिस बात से (गंदगी) दुनिया भर में देश की छवि को गहरी चोट पंहुचती हो, लेकिन मेरे प्रयास और संपर्क नहीं करने के बावजूद सफाई के अभियान में आपने ने जो मदद की है। देश का मीडिया भी देश को बदलने में कितनी बड़ी भूमिका निभा सकता है, इसका यह उत्तम उदाहरण है। एजेंसी