
दस्तक टाइम्स/एजेंसी
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने बीजद सदस्य बैजयंत पांडा द्वारा आसन के समीप कांग्रेस के कुछ सदस्यों के शोर शराबा करने के मुद्दे को उठाने पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन की टिप्पणी के मुद्दे को आज सदन में उठाया। अध्यक्ष ने कहा कि आप सोचे कि दूसरे भी किसी बात से आहत हो सकते हैं, साथ ही उन्होंने खेद जताया। अध्यक्ष ने अपनी टिप्पणी से ‘निहित स्वार्थ’ शब्दों को कार्यवाही से हटाने की बात भी कही। हालांकि, उक्त टिप्पणी में ‘‘राष्ट्रीय हित’’ शब्द कार्यवाही में बने रहेंगे। इस पर असंतोष व्यक्त करते हुए कांग्रेस सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। वे ‘मंत्रीजी इस्तीफा दो’, तानाशाही नहीं चलेगी’, कीर्ति आजाद के सवालों के जवाब दो’ के नारे लगा रहे थे। कांग्रेस सदस्यों ने डीडीसीए में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर वित्त मंत्री अरूण जेटली के इस्तीफे की मांग को लेकर लोकसभा में आज तीसरे दिन भी हंगामा किया। आज सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कांग्रेस के कुछ सदस्यों के कार्यस्थगन के नोटिस को अस्वीकार कर दिया और उनसे अन्य अवसरों पर इन्हें उठाने को कहा। कार्यवाही शुरू होने पर सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा कि कल सदन में आसन से हमारी पार्टी के बारे में जो बातें कही गई कि हमारा राष्ट्रहित से कोई वास्ता नहीं है.. यह व्यवस्था किसी राजनीतिक दल के लिए ठीक नहीं है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है, हमें इससे दुख पहुंचा है। इसे कार्यवाही से निकाला जाए। संसदीय कार्य मंत्री वेंकैया नायडू समेत भाजपा के कुछ सदस्यों ने खडगे द्वारा इस विषय को उठाने पर आपत्ति व्यक्त की। सदन में उस समय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मौजूद थे। इस पर बीजद सदस्य बैजयंत पांडा ने कहा कि कल मैंने इस विषय को उठाया था। उन्होंने कहा कि न तो मैंने और न ही आसन ने किसी पार्टी का नाम लिया। ‘मैं तटीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण विषय पर सवाल पूछ रहा था जो राष्ट्रीय महत्व का था, इसलिए उस विषय को उठाया। ’’