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आमिर खान की इस फिल्म के लिए सुबह से ही टीवी के सामने बैठ गए थे लोग

ऑस्कर अवॉर्ड 2019 के आयोजन में महज दो दिन बचे हैं। 24 फरवरी को होने वाले समारोह में कुल 24 कैटिगरी में अवॉर्ड दिए जाएंगे। इस बार जिन दो फिल्मों पर चर्चा हो रही है उनमें रोमा और द फेवरट है। दोनों फिल्म को 10-10 नॉमिनेशन मिले हैं। इससे पहले बाफ्टा अवॉर्ड में भी यही दो फिल्में छाई रहीं जिसके बाद माना जा रहा है कि रोमा और द फेवरेट यहां भी ज्यादा से ज्यादा अवॉर्ड बटोरने में कामयाब रहेगी।

इस साल कोई भारतीय फिल्म ऑस्कर की रेस तक नहीं पहुंच पाई है। डायरेक्टर रीमा दास की द विलेज रॉकस्टार 91वें एकेडमी अवॉर्ड में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेज फिल्म कैटेगरी से पहले ही बाहर हो चुकी है। अभी तक कोई भी भारतीय फिल्म ये अवॉर्ड नहीं जीत पाई है हालांकि कुछ फिल्में नॉमिनेशन तक पहुंचने में कामयाब रहीं। आज हम एक ऐसी ही फिल्म के बारे में चर्चा करने जा रहे हैं।
साल 2002 में आशुतोष गोवारिकर के निर्देशन में बनी लगान को ऑस्कर के लिए नॉमिनेट किया गया था। उस दौरान पूरे देश में फिल्म लगान को लेकर जबरदस्त उत्सुकता थी। हर कोई चाह रहा था कि बस किसी तरह ये फिल्म अवॉर्ड जीत जाए। लोगों के बीच इसके क्रेज का अंदाजा लगा सकते हैं कि सभी सुबह-सुबह टीवी से चिपककर बैठ गए थे। दरअसल अमेरिका में जब रात में इन अवॉर्ड्स का ऐलान किया जाता है उस वक्त भारत में सुबह हो रही होती है।
फिल्म में आमिर खान और ग्रेसी सिंह की मुख्य भूमिका थी। लगान उस वक्त की सबसे बड़ी हिट फिल्म में से एक थी। फिल्म का विषय क्रिकेट मैच पर आधारित था। जिसमें आजादी के वक्त अंग्रेजों और भारतीयों के संघर्ष की कहानी दिखाई गई थी।
एआर रहमान के संगीत में बने इसके सारे गाने सुपरहिट रहे थे। जब ऑस्कर में फिल्म भेजी गई तो इसके गाने हटा दिए गए और फिल्म की लंबाई कम की गई क्योंकि हॉलीवुड में ज्यादातर फिल्म 2 घंटे की ही होती हैं। लगान ऑस्कर अवॉर्ड नहीं जीत पाई लेकिन लोगों के दिलों में इसने खास जगह बनाई। यह पहली फिल्म थी जो अवॉर्ड जीतने के इतने करीब पहुंची थी।