
नई दिल्ली। कांग्रेस ने असहिष्णुता पर आमिर खान की टिप्पणी को लेकर अभिनेता के बारे में बयान देने के लिए रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर और आरएसएस पर आज तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि नफरत कायर का हथियार है और यह कभी जीत नहीं हासिल करता। मुख्य विपक्षी दल ने भाजपा और आरएसएस पर दलितों, अल्पसंख्यकों, लेखकों, अभिनेताओं और मोदी सरकार के खिलाफ असंतोष जताने वालों को निशाना बनाने के लिए सुनियोजित साजिश का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि पर्रिकर का काम पाकिस्तान जैसे विदेशी आक्रमणकारियों से भारत को बचाना है या अपने ही देशवासियों को धमकी देने का है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने ट्विटर पर लिखा, ‘आरएसएस और पर्रिकर जी हर किसी को सबक सिखाना चाहते हैं। यहां आपके लिए भी एक सीख है: नफरत कायर का हथियार है और यह कभी जीत हासिल नहीं करता।’ पर्रिकर ने कल कहा था कि देश के खिलाफ बोलने वाले किसी को भी सबक सिखाया जाना चाहिए। आलोचना का सामना कर रहे पर्रिकर ने आज कहा कि उन्होंने कभी भी सबक शब्द का उपयोग नहीं किया और उनके कहने का आशय था, ‘आपको दबाव बनाना होगा, आपको जनमत तैयार करना होगा, जिन लोगों को देश से प्यार है, उन्हें ऐसे मुद्दों पर चुप नहीं रहना चाहिए।’
पर्रिकर ने जबलपुर में एक कार्यक्रम में कहा कि जो लोग देश के खिलाफ बोलते हैं, उस बारे में एक जनमत होना चाहिए। मैं किसी एक के बारे में इशारा नहीं कर रहा था। उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ उन लोगों के बारे में बोल रहा था जो इस देश को बदनाम करना चाहते हैं। मैं अभिव्यक्ति की आजादी के बारे में नहीं बात कर रहा था। पर्रिकर के अनुसार जब अभिनेता ने पिछले साल सितंबर में बयान दिया था, कई लोगों ने उनके बयान का विरोध किया और उनसे जुड़े एक मोबाइल ऐप को अपने मोबाइल से हटा दिया था। वहीं कंपनी ने भी उनसे जुड़े विज्ञापन को वापस ले लिया था।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘शर्मनाक है कि मनोहर पर्रिकर अभिनेताओं को सबक सिखाने की धमकी देते हैं.। बाद में एक बयान में सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि पर्रिकर ने अनजाने में उस षडयंत्र का पर्दाफाश कर दिया जिसमें भाजपा के लोगों ने आनलाइन कंपनी को निशाना बनाया और ऑर्डर बुक किया और साजिशन उसे रद्द कर दिया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आमिर खान को उसके ब्रांड एंबेसडर से हटाया जा सके।