आरबीआई से मदद की उम्मीद करती है सरकार

नई दिल्ली। रिजर्व बैंक द्वारा मंगलवार को लगातार पांचवीं मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत ब्याज दर में बदलाव नहीं किए जाने के बीच सरकार ने कहा है कि वह आर्थिक वृद्धि दर में पुन: तेजी लाने में केंद्रीय बैंक से समर्थन की उम्मीद करती है। वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि यह उत्साहवर्धक है कि केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति के परिदृश्य में बुनियादी बदलाव पर ध्यान दिया है। बयान में कहा गया है, अब सरकार उम्मीद करती है रिजर्व बैंक वृद्धि व रोजगार बढ़ोतरी में आगे सहयोग करेगा। मौद्रिक नीति की प्रस्तावित नई व्यवस्था के बारे में बयान में कहा गया है कि आगामी सप्ताहों में सरकार व रिजर्व बैंक इस पर काम करेंगे। वित्त मंत्रालय ने कहा कि नई व्यवस्था से मुद्रास्फीति के मोर्चे पर प्राप्त उपलब्धियों को मजबूत करने में मदद मिलेगी ताकि आगे मुद्रास्फीतिक बढ़ने की प्रत्याशा कम हो और निवेश तथा वृद्धि को प्रोत्साहन मिल सके। इससे पहले दिन में रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि इस बारे में सरकार के साथ बातचीत अच्छे तरीके से आगे बढ़ी है और इसके ब्योरे की घोषणा जल्द की जाएगी। रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने केंद्रीय बैंक की रेपो दर को आठ प्रतिशत और आरक्षित नकदी अनुपात (सीआरआर) को 4 प्रतिशत पर बनाए रखा है पर संकेत दिया है कि मुद्रास्फीति और राजकोषीय हालात में सुधार का सिलसिला बना रहा तो मार्च तक दर कम की जा सकती है। रेपो वह दर है जिस पर बैंक आरबीआई से एक रात के लिए उधार लेते हैं। सीआरआर जमाओं का वह हिस्सा है जो रिजर्व बैंक के नियंत्रण में रहता है और इससे बैंकों के पास कर्ज के लिए धन की उपलब्धता प्रभावित होती है। एजेंसी