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इस्तीफे पर बोलीं उमा- ना सवाल सुना, ना जवाब दूंगी

केन्द्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने उनके इस्तीफे की खबरों पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इंकार करते हुए कहा है कि इस बारे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेतृत्व को ही कुछ कहने का अधिकार है। सुश्री भारती ने आज संवाददाताओं द्वारा केन्द्रीय मंत्रिमंडल से उनके इस्तीफे की खबरों के बारे में प्रतिक्रिया मांगे जाने पर यह बात कही है। बाद में उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘कल से चल रही मेरे इस्तीफे के खबरों पर मीडिया ने प्रतिक्रिया पूछी। इस पर मैंने कहा कि मैंने ये सवाल सुना ही नहीं, न सुनूँगी, न जवाब दूंगी।’ उन्होंने कहा, ‘इस बारे में या तो राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह या वह जिसको नामित करे, वही बोल सकते हैं। मेरा इसपर बोलने का अधिकार नहीं है।’ कल देर रात से रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केन्द्रीय मंत्रिमंडल में एक-दो दिन में फेरबदल करने वाले हैं। इस फेरबदल में सरकार में शामिल कई नेताओं को संगठन में और कुछ को संगठन से सरकार में लाने की चर्चा है।

ऐसी रिपोर्ट हैं कि केन्द्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी, फग्गन सिंह कुलस्ते, डॉ. महेंद्र पांडेय ने मंत्रिमंडल से त्यागपत्र दे दिए हैं जबकि संजीव बालियान, गिरिराज सिंह, कलराज मिश्र, उमा भारती, चौधरी बीरेंद्र सिंह और निर्मला सीतारमण ने प्रधानमंत्री को त्यागपत्र देने की पेशकश की है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने भी बीते सप्ताह दो दुर्घटनाओं के बाद प्रधानमंत्री से मिलकर इस्तीफे की पेशकश की थी जिस पर प्रधानमंत्री ने उन्हें प्रतीक्षा करने को कहा है। वित्त, कारपोरेट मामलों एवं रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने भी संवाददाताओं से बातचीत में संकेत दिए थे कि वह रक्षा विभाग का दायित्व अस्थायी रूप से संभाले हुए हैं और कोई नया रक्षा मंत्री पद संभालेगा। सूत्रों ने बताया कि रूड़ी, बालियान, श्रीमती सीतारमण और कुलस्ते को भाजपा के संगठन में जगह दिए जाने की संभावना है।

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