अद्धयात्म
इस्लाम की ये बातें इन्सान को गुनाहों से बचने की देती हैं हिदायत


– किसी की बेबसी पर कभी मत हंसो, क्या मालूम कब किसका ऎसा वक्त आ जाए।
– अल्लाह के खौफ से गिरने वाला सच्चा आंसू बेशक छोटा क्यों न हो लेकिन उसमें इतनी ताकत होती है कि वह समंदर के बराबर गुनाह को मिटा देता है।
– अपनी जुबान की तेजी उस मां पर मत चलाओ जिसने कभी तुम्हें बोलना सिखाया था।
– तुम अपने किरदार को इतना बुलंद करो कि दूसरे लोग तुम्हे देखकर कहें, अगर उम्मत ऎसी है तो नबी (पैगंबर मुहम्मद साहब) कैसे होंगे!
– किसी की आंख तुम्हारी वजह से नम न हो (मतलब तुम किसी को दुख न दो), क्योंकि एक दिन तुम्हें उसके हर आंसू का कर्ज चुकाना होगा।
– कभी किसी ऎसे शख्स पर जुल्म न करो जिसके पास फरियाद के लिए अल्लाह के सिवाय कोई न हो।
– किसी गरीब व कमजोर इंसान तथा नमाजी की आह मत लो, क्योंकि यह अर्श को चीरकर सीधे अल्लाह के पास जाती है। किसी को कभी मत सताओ।
– जो काम नेकी और ईश्वर भक्ति के हैं, उनमें सबको सहयोग दो और जो काम गुनाह व ज्यादती के हैं, उनमें किसी को सहयोग न दो।