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इस तरीके से डी-ग्रेड वाले छात्र भी फाइनल में ला सकते हैं अच्छे अंक

अगर आप अपने बच्चों की परीक्षाओं को लेकर चिंतित हैं तो ये खबर आपके लिए है। हाल ही में हुए एक अध्ययन से खुलासा हुआ है कि जो छात्र 8 घंटे की नींद पूरी करते हैं, वह परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।
इस अध्ययन पर बेलोर यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंस के असिसटेंट प्रोफेसर डॉक्टर मिशेल स्कुलिन का कहना है, “बेहतर नींद फाइनल में होने वाली परिक्षाओं के प्रदर्शन में सहायता करती है, जो अधिकांश कॉलेज के छात्रों की धारणाओं के विपरीत है कि उन्हें या तो पढ़ाई या सोने का त्याग करना पड़ता है।”

फाइनल परीक्षाओं में अच्छे अंक लाने के लिए जरूरी नहीं है कि छात्र अकेडमिक परीक्षाओं में ए ग्रेड लाए। अध्ययनकर्ताओं का कहना है कि फाइनल परीक्षाओं से पहले चाहे छात्र ए, बी, सी या फिर डी ग्रेड वाला हो, लेकिन अगर वह फाइनल परीक्षाओं से पहले 8 घंटे की नींद पूरी करे तो वह एकसाथ 4 पॉइंट अधिक ला सकता है।
डॉक्टर के मुताबिक एक डी-प्लस ग्रेड वाले छात्र ने जब 8 घंटे की नींद पूरी की तो उसका कहना था कि उसे पहली बार ऐसा लगा कि परीक्षा के दौरान उसका दिमाग काम कर रहा है। अच्छी नींद न लेना फाइनल परीक्षाओं के दौरान एक आम बात होती है।
इस दौरान न तो नींद पूरी होती है और न ही दिमाग तनाव मुक्त रहता है। छात्र अधिक चिंतित रहते हैं, वह अधिक मात्रा में कॉफी पीते हैं और टेबल लैंप की रोशनी में पढ़ते हैं। ये सब नींद को प्रभावित करता है।
ग्रेजुएशन के 10 फीसदी से भी कम छात्र ऐसे हैं जो 8 घंटे की पूरी नींद लेते हैं। इस अध्ययन से जुड़े आंकड़ों को इंटीरियर डिजाइन एंड टीचिंग ऑफ साइकोलॉजी जर्नल में पब्लिश किया गया है। अध्ययन से पता चला कि जिन छात्रों ने फाइनल परीक्षाओं के दौरान 8 घंटे की नींद पूरी की उनके अंक अच्छे आए।
अध्ययन में ग्रेजुएशन कर रहे इंटीरियर डिजाइन और अपर लेवल के साइकोलॉजी और न्यूरोसाइंस के छात्रों को शामिल किया गया। जिन छात्रों ने 8 घंटे की नींद का चैलेंज एक्सेप्ट किया उनके हाथों में मॉनिटरिंग के लिए बैंड पहनाया गया। ताकि अध्ययन में पारदर्शिता बनी रहे।