ईरान में क्यों हो रहे हैं हिंसक प्रदर्शन?

ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है और इसमें कम से कम 13 लोगों के मारे जाने की खबर है। सशस्त्र प्रदर्शनकारियों ने सैन्य अड्डों और पुलिस थानों में घुसने की कोशिश की लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हें खदेड़ दिया। देश में पिछले पांच दिनों से प्रदर्शन जारी है। ईरान में साल 2009 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद यह सबसे बड़ा प्रदर्शन है। आपको बताते हैं, इसके पीछे वजह क्या है…
देश की कमजोर अर्थव्यवस्था और महंगाई को लेकर गुरुवार को मशहाद में प्रदर्शन शुरू हुए और कई शहरों तक फैल गए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने सरकार और शीर्ष नेता अयातुल्लाह अली खामनेई के खिलाफ नारे लगाए। सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया गया। ईरान के सरकारी टेलीविजन चैनल ने लूटे हुए निजी बैंकों, टूटी हुई खिडकियों, क्षतिग्रस्त की गई कारों और आग लगाए गए ट्रकों की तस्वीरें प्रसारित की। उसने बताया कि रविवार रात को सुरक्षाबलों के साथ झड़पों में 10 लोग मारे गए। टीवी चैनल ने कहा, कुछ प्रदर्शनकारियों ने कुछ पुलिस थानों और सैन्य अड्डों में घुसने की कोशिश की लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हें रोक दिया।
प्रदर्शनकारियों की मांग क्या है?
प्रदर्शनकारी देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक गैरबराबरी के खिलाफ रैली कर रहे हैं। कुछ प्रदर्शनकारी देश की विदेश नीति को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
राष्ट्रपति हसन रुहानी ने माना है कि इस्लामिक रिपब्लिक की चरमराती अर्थव्यवस्था को लेकर लोगों में गुस्सा है लेकिन साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी है कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने से सरकार हिचकिचाएगी नहीं। इस बीचईरान ने रविवार को इंस्टाग्राम और लोकप्रिय मेसेजिंग ऐप टेलीग्राम को भी बंद कर दिया है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया क्या है?
अमेरिका ने ईरान में हो रहे प्रदर्शन पर त्वरित प्रतिक्रिया दी है और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों को गिरफ्तार करने के खिलाफ तेहरान को चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर के कहा कि ओबामा प्रशासन द्वारा ईरान के साथ समझौता करने के बावजूद ईरान प्रत्येक स्तर पर असफल हो रहा है। महान ईरानी लोगों को कई वर्षों से दबाया गया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के लोग भोजन और स्वतंत्रता के भूखे हैं। मानवाधिकारों के साथ ही ईरान की संपत्तियां लूटी जा रही हैं। बदलाव का समय आ गया है।