एजेन्सी/ उत्तराखंड में 18 मार्च से चल रही सियासी उठा पटक के बाद 27 मार्च को सूबे में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया। बता दें कि 28 मार्च को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को विधानसभा में बहुमत साबित करना था, लेकिन इससे पहले ही राष्ट्रपति शासन लागने से हरीश रावत के अरमानों पर पानी फिर गया। राष्ट्रपति शासन लगने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अपनी फेसबुक वॉल
‘जिन चीजों के लिए लोग आलोचना कर रहें, मैं किसी चौराहे पर खड़े होकर उनके सवालों के जवाब देने के लिए तैयार रहूंगा।’
‘जो न्यायिक आप्शन हमारे पास उपलब्ध है, उनका हम उपयोग करेंगे।’
‘यदि Bharatiya Janata Party (BJP) और Narendra Modi में हिम्मत है तो विधानसभा को भंग करके चुनाव में हमसे मुकाबला करें, Uttarakhand की जनता देगी जवाब।’
‘मेरा राज्यपाल महोदय से अनुरोध है कि जनभावनाओं को देखते हुए कल 28 मार्च को मुझे विधानसभा में बहुमत सिद्ध करने का मौका दिया जाय। हमारी सरकार के पास पूर्ण बहुमत है, हम इसे साबित कर सकते है।’