
लखनऊ: यूपी के खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति पर लगे घोटाले के आरोप में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। मामले में अहम गवाह रोहित त्रिपाठी ने लोकायुक्त के सामने अपने साक्ष्य रखे। बताया जा रहा है कि रोहित ने जो भी साक्ष्य लोकायुक्त के सामने रखे हैं, उनसे जहां मंत्री गायत्री प्रजापति की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं यूपी में हुए एनआरएचएम और यादव सिंह महाघोटालों से भी बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। जांच में खनन के पट्टे एलॉट किए जाने के खेल की मोडस ओप्रेंडी भी सामने आई है। खनन घोटाले मामले में नूतन ठाकुर की तरफ के गवाह रोहित त्रिपाठी लोकायुक्त के सामने पेश हुए। उन्होंने मामले में अपनी तरफ से साक्ष्य और तथ्य पेश किए। सूत्रों के मुताबिक रोहित ने इस दौरान जालौन और हमीरपुर में चल रहे खनन पट्टों से मिलने वाली रॉयल्टी के बारे में बताया। उन्होंने यह भी बताया कि किस तरह से हमीरपुर में राज्य सरकार को सालाना लगभग 1100 करोड़ रुपयों के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
रोहित द्वारा लोकायुक्त जस्टिस एनके मेहरोत्रा के सामने दी गई गवाहीं से यह बात सामने निकल कर आई है कि गायत्री प्रसाद प्रजापति के इशारे पर प्रदेश में सिंडिकेट चल रहा है। रोहित ने लोकायुक्त को बताया कि हमीरपुर में इस वक्त खनन के 38 पट्टे चल रहे हैं, जिसमें से रमेश चंद्र मिश्रा और उनके परिवार के पास 17 पट्टे हैं। इन पट्टों में आठ पूर्ववर्ती बीएसपी सरकार के दौरान मिले थे, जबकि नौ पट्टे सपा सरकार ने एलॉट किए हैं। साथ ही रोहित ने इस बात का चार्ट भी पेश किया। इसमें यूपी सरकार के खजाने में 1300 करोड़ रुपयों की जगह सिर्फ 150 करोड़ जाने की बात बताई गई है। मंत्री गायत्री प्रसाद द्वारा किए गए खनन घोटाले के मामले में गुरुवार को शिकायतकर्ता नूतन ठाकुर साक्ष्यों को प्रस्तुत करेंगी। वह लोकायुक्त के सामने अवैध तरीके से खनन पट्टा की लीज अवधि बढ़ाए जाने के खेल का खुलासा करेंगी। इनमे डीएम की रिपोर्ट को दरकिनार कर सीधे शासन द्वारा पट्टे की लीज बढ़ाए जाने के मामले भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा सीधे पट्टे का लीज बढ़ाना सीधे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है।