
बताया जा रहा है कि हाईकमान के सामने दोनों नेताओं ने अपनी शिकायतें रखीं। हालांकि, किशोर इससे साफ इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष को जन्मदिन की बधाई दी गई और प्रभारी से पहले मिलना नहीं हो पाया था।
कुछ दिन पहले ही पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को निशाने पर लिया था।
बहुगुणा ने लोकायुक्त का सवाल उठाया था और यह भी कहा था कि पूरा मंत्रीमंडल ही बदला जाना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री हरीश रावत को बहुगुणा का यह रुख रास नहीं आया।
सोनिया गांधी को जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे रावत ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के सामने यह शिकायत भी रखी। रावत का मानना है कि चुनाव को देखते हुए सरकार पूरी तरह से माहौल को कांग्रेस के पक्ष में करने की कोशिश में है।
इसके बावजूद कांग्रेस के ही कुछ नेता प्रदेश सरकार का सहयोग करते हुए नहीं दिख रहे हैं। दूसरी ओर दोनो नेताओं ने पार्टी प्रभारी अंबिका सोनी को भी संगठन और सरकार की कोशिशों की जानकारी दी।