अन्तर्राष्ट्रीय

कांग्रेस को सुषमा स्वराज ने दिया करारा जवाब, कहा- जनता और हमारे बीच बस एक…की है दूरी

सोशल मीडिया से भले ही दुष्प्रचार को बल मिला हो लेकिन  देश -विदेश में रह रहे आम जन को इससे बहुत फायदा हुआ है। आम जन की पहुंच जहां नीति निर्माताओं तक हो गई है वहीं अपनी बात नेताओं तक पहुंचाने का माध्यम भी मिल गया है। सोशल मीडिया की ताकत को पहचानते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि विश्वभर में प्रवासी भारतीय आज कहीं भी फंसा हो उसे पता है कि भारत सरकार तक उसकी पहुंच आसान हो गई है और उसकी बात सरकार हर समय सुनने को तैयार है। और वह अपने देश से महज एक ट्वीट दूर है। इससे पहले यह किसी भी सरकार की प्राथमिकता में नहीं था जबकि आज है। सुषमा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने दुनियाभर में रह रहे भारतीयों को गर्वान्वित किया है और उनमें यह विश्वास जगाया है। 

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज वियतनाम और कंबोडिया की पांच दिवसीय यात्रा के पहले चरण में वियतनाम की राजधानी हनोई में हैं। सुषमा स्वराज की वियतनाम और कंबोडिया की पांच दिवसीय यात्रा का उद्देश्य आसियान क्षेत्र के दो अहम मुल्कों के साथ भारत के रिश्तों को गहरा करना है। वियतनाम में सुषमा संयुक्त आयोग की 16वीं बैठक की सहअध्यक्षता अपने समकक्ष फाम बिन्ह मिन्ह के साथ करेंगी। वह वियतनाम के प्रधानमंत्री नगुयेन शुआन फुक से भी मुलाकात करेंगी। सुषमा स्वराज आज हिंद महासागर सम्मेलन के तीसरे संस्करण का उद्घाटन करेंगी।

राहुल गांधी ने सुषमा पर साधा था निशाना
 
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को सक्षम नेता बताते हुए कहा था कि उन्होंने वीजा के मुद्दे को छोड़कर उन्होंने कोई काम नहीं किया। राहुल गांधी ने इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्ट्रटीजिक स्टडीज में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि विदेश मंत्रालय पर प्रधानमंत्री कार्यालय का एकाधिकार है। सुषमा स्वराज एक सक्षम नेता है लेकिन उन्होंने वीजा के मुद्दे को छोड़कर मंत्रालय में कोई काम नहीं किया। यूरोपीय यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि पिछले चार वर्षों में शक्ति का केंद्रीकरण प्रधानमंत्री कार्यालय में है। 

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