
कानपुर: डॉ. हरि सिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर में हुए एक हजार करोड़ रुपए के भर्ती घोटाले में गिरफ्तार हुए प्रोफेसर एसएन गजभिये को आईआईटी प्रशासन ने सस्पेंड कर दिया। सागर विश्वविद्यालय शिक्षक भर्ती मामले में बीते सोमवार को सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया था। प्रोफेसर का सस्पेंशन 23 फरवरी से लागू हुआ था। आईआईटी प्रशासन ने मीडिया में सर्कुलर जारी कर मामले की जानकारी दी। सस्पेंशन को लेकर आईआईटी के डायरेक्टर इंद्रनील मन्ना ने कहा कि इस मामले में उन्हें परेशान न किया जाए। प्रोफेसर को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, डिप्टी रजिस्ट्रार सीपी सिंह ने बताया कि सस्पेंशन के दौरान उन्हें आधी सैलरी ही दी जाएगी। प्रोफेसर की वजह से आईआईटी के साख पर धब्बा लगा है, जो लोगों को लंबे समय तक याद रहेगा।
डॉ. हरि सिंह गौर यूनिवर्सिटी सागर (मध्यप्रदेश) के पूर्व वीसी और आईआईटी कानपुर में कैमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर एनएस गजभिये पर भर्ती घोटाले की जांच चल रही है। यह भर्तियां साल 2011 के अक्टूबर महीने से लेकर 2013 के बीच सागर विश्वविद्यालय में हुई थी। इस दौरान उनके पास से तीन करोड़ से ज्यादा की रकम भी उजागर हुई थी। प्रोफेसर गजभिये यह बताने में असफल रहे कि उनके पास इतनी बड़ी रकम कहां से आई। वहीं, मंगलवार को सीबीआई टीम ने मध्यप्रदेश के कोर्ट में उनको पेश कर तीन दिन का रिमांड मांगा था, जिसे कोर्ट ने दे दिया। प्रोफेसर 26 फरवरी तक रिमांड पर रहेंगे।