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काशी के संकट मोचन मंदिर में गुलाम अली देंगे प्रस्तुति, विरोध

l_Ghulam-Ali-1461306235वाराणसी।

भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में घुली कड़वाहट को संगीत की सौंधी खुशबू से कम करने की कोशिशें लगातार जारी हैं। मोहब्बत का पैगाम लिए एक बार फिर पाकिस्तान के गजल गायक गुलाम अली काशी आएंगे। गुलाम अली यहां संकट मोचन हनुमान मंदिर में वार्षिक संगीत समारोह में अपनी प्रस्तुति देंगे। 

गुलाम अली ने गुरुवार को संकट मोचन मंदिर के महंत विश्वम्भरनाथ मिश्र को फोन पर संगीत समारोह में आने की स्वीकृति दी। 26 अप्रैल को शास्त्रीय गायक पंडित विश्वनाथ के गायन से समारोह का आगाज होगा और इसके बाद गुलाम अली अपनी पुरकशिश आवाज में गजलों-नज्मों को पेश करेंगे।

इस कार्यक्रम में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित के भी शिरकत कर सकते हैं। कार्यक्रम में आने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अभिनेता अमिताभ बच्चन सहित कई नामचीन हस्तियों को न्योता दिया गया है। उम्मीद है कि कार्यक्रम में 57 जाने-माने शास्त्रीय संगीत गायक और संगीतकार शिरकत करेंगे।

छह दिवसीय इस कार्यक्रम में अलग-अलग दिन ख्यातनाम लोग शामिल होंगे। गुलाम अली के कार्यक्रम में आने की सूचना ने संगीत प्रेमियों को आनंद से भर दिया। मंदिर के महंत विश्वम्भरनाथ मिश्र ने कहा कि संगीत के लिए न तो कोई सरहद होती है और न ही मजहब की कोई दीवार।

ये कोई पहली बार नहीं है जब गुलाम अली काशी के संकट मोचन मंदिर में अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। पिछले साल भी उन्होंने इस कार्यक्रम में शिरकत की थी। उस वक्त उनकी गाई गजल ‘हंगामा है क्यों बरपा जो थोड़ी सी पी ली है’ पर विवाद हो गया था।

एक बार फिर विवाद के सुर उठने लगे हैं। कुछ हिन्दूवादी संगठनों ने गुलाम अली और अब्दुल बासित को बुलाए जाने पर ऐतराज जताया है।

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