
लखनऊ। उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि गन्ना किसानों के बकाये भुगतान राज्य सरकार पूरी ईमानदारी से न्यायालय द्वारा दिये गये समयबद्ध सीमा के अंदर 31 अक्टूबर तक अविलम्ब सुनिश्चित कराये। उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि पूर्व में गन्ना किसानों की समस्याओं की जिस प्रकार उपेक्षा एवं अनदेखी समाजवादी पार्टी सरकार ने की है एवं गन्ना किसानों से जुड़े हर मुद्दे पर उ0प्र0 सरकार मिल मालिकों के पक्ष में खड़ी रही। जबकि कांग्रेस पार्टी ने गन्ना किसानेां की समस्याओं को लगातार तमाम आन्दोलनों के माध्यम से उठाया और स्वयं गन्ना किसान सड़कों पर उतरकर संघर्ष करने को विवश हुए। किन्तु मिल मालिकों की हितैषी सरकार ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ ही साथ आन्दोलनकारी गन्ना किसानों की आवाज को लाठी-डण्डों के बल पर दबाने का प्रयास किया। जिसके चलते गन्ना किसानों को भुखमरी का सामना करना पड़ा और कई किसान आत्महत्या करने को मजबूर हुए। प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश सरकार अब उच्च न्यायालय के आदेशों का कड़ाई से अनुपालन कराते हुए किसानों के गन्ना बकाये का भुगतान 31अक्टूबर तक सुनिश्चित करे और किसानों के गन्ना मूल्य के भुगतान में हुए देरी पर गन्ना नियत्रंण आदेश 1966 के तहत नियमानुसार 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित भुगतान कराये। इसके साथ ही नये पेराई सत्र की तिथि एवं गन्ना समर्थन मूल्य में समुचित वृद्धि की अविलम्ब घोषणा करे।