जयपुर. हमारी मरुधरा पर रिसर्जेंट राजस्थान जैसा आयोजन हो और मारवाड़ी की बात न हो, यह संभव ही नहीं है। गुरुवार को यहां अंग्रेजी भाषा में हो रहे पूरे कार्यक्रम के दौरान जब महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा और आदित्य बिड़ला ग्रुप के कुमार मंगलम बिड़ला ने मारवाड़ी में अपनी कुछ बात कही तो लोगों ने तािलयां बजाई। आनंद महिंद्रा ने कहा, मुझे राजस्थानी आती तो नहीं है लेकिन हमने यहां महिंद्रा सेज की स्थापना की है। ऐसे में…हूं तो राजस्थान काे हूं, राजस्थान म्हारो देश।
निवेश की परंपरा राजस्थान की ही देन
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने संबोधन में कहा कि मारवाड़ी पैसा कमाने आैर उसे डबल करने में माहिर है। जब बड़े उद्योगपति ऐसी कल्चर वाले प्रदेश में निवेश करने आएंगे तो स्वाभाविक है उन्हें भी यह हुनर आ जाएगा। उन्होंने कहा कि निवेश की परंपरा राजस्थान की ही देन है। जहां लोगों ने अपने घर छोड़े और हजारों किलोमीटर दूर जाकर पैसा कमाने और उसे दोगुना करने का काम किया।
यह धरती मेरे लिए खास, मेरे पूर्वज यहीं से निकले थे
कार्यक्रम के दौरान अपनी बात रखते हुए आदित्य बिड़ला ग्रुप के प्रमुख कुमारमंगलम बिड़ला ने राजस्थान में जमी अपने परिवार की जड़ों को याद किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान की मेरे लिए बहुत अहमियत है। मेरे पूर्वज यहीं से निकले हैं। 1980 से बिड़ला समूह ने राजस्थान में निवेश शुरू किया था। आज हम यहां फाइनेंस, एंटरटेनमेंट और सेल्युलर सेक्टर में मौजूद हैं।
प्रदेश में व्यापार बढ़ाने की हमारी योजनाओं को लगातार सरकारी नीतियों से सहयोग मिला है। उन्होंने कहा, भले ही हमारे पूर्वज डेढ़ सौ साल पहले राजस्थान छोड़कर बाहर निकल गए थे, मगर हमारी जड़े अब भी यही हैं। अपना भाषण बिड़ला ने अंग्रेजी में दिया लेकिन संबोधन के दौरान उन्होंने मारवाड़ी बोलने की भी भरसक कोशिश की। बिरला ने कहा, म्हे थांको आभारी हूं, थ्हे मने अठे बुलायो।