
अगर आप कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने की तैयारी कर रहे हैं और आपने रजिस्ट्रेशन करा लिया है तो यह खबर आपके लिए है। इस बार 3047 लोगों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। विदेश मंत्रालय रेंडमाइजेशन के जरिए यात्रियों का चयन करेगा। नाथुला दर्रे से आठ दल जाएंगे। एक दल में यात्रियों की अधिकतम संख्या 50 होगी, जबकि लिपुलेख दर्रे से 18 दल जाएंगे और यहां से जाने वाले प्रत्येक दल में अधिकतम 60 यात्री होंगे।

कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक टीएस मर्तोलिया ने बताया कि यात्रियों का रेंडमाइजेशन होने के बाद विदेश मंत्रालय के स्तर पर दिल्ली में बैठक होगी। यह बैठक अगले महीने के प्रथम सप्ताह में होगी।
अप्रैल में ही केएमवीएन का रेकी दल यात्रा मार्ग की स्थिति का जायजा लेने जाएगा। उन्होंने बताया जून में शुरू होने वाली इस यात्रा को इस बार भी दिल्ली से काठगोदाम, अल्मोड़ा, मिर्थी, धारचूला, नारायणआश्रम, बूंदी, गुंजी, कालापानी, नाभीढांग होकर जाना पड़ेगा। यात्री लिपुलेख दर्रा पार कर तिब्बत में प्रवेश करेंगे।
मर्तोलिया ने बताया कि हिमपात के कारण पड़ावों को कितना नुकसान पहुंचा है, इसकी जानकारी रेकी टीम के जाने के बाद ही पता चलेगी। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी ने रास्ते की स्थिति की रिपोर्ट बनानी शुरू कर दी है।