
नई दिल्ली (एजेंसी) : कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू होने में अब मात्र गिनती के ही दिन बचे हुए हैं और ऐसे में पदक के मजबूत दावेदार भारत के सुशील कुमार का नाम गोल्ड कोस्ट के आयोजकों द्वारा आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की गई एंट्री लिस्ट से गायब है, गुरुवार को जारी की गई इस सूची में अपना नाम न होने पर सुशील आज और इंतजार करेंगे।
वहीं आईओए अध्यक्ष नरिंदर ध्रुव बत्रा ने कहा कि गेम्स के लिए उन्हें सुशील का एक्रीडेशन मिला था और इसके साथ यह भी पुख्ता हो गया है कि उनका नाम डेलीगेशन रजिस्ट्रेशन मीटिंग के लिए भी शामिल है, जहां आयोजन समिति ने आखिरी सूची दी। बत्रा ने आकस्मिक अधिकारियों से सब कुछ सही होने के बाद भी यहां हो रही गलती के बारे में पता करने को कहा है। ध्यान देने वाली बात है, पिछले कुछ समय से संघ और साथी खिलाड़ियों के साथ सुशील के रिश्ते कुछ खास नहीं चल रहे हैं और कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रहे भारतीय पहलवनों में से सिर्फ उन्हीं का नाम गायब हुआ है। दो बार के ओलिपिंक मेडलिस्ट और 74 किग्रा फ्री स्टाइल कैटेगरी में पदक के मजबूत दावेदार का नाम फाइनल लिस्ट में न होने से भारतीय दल भी हैरान हैं। भारतीय रेसलिंग फेडरेशन और भारत ओलिंपिक संघ पहले इस बारे में अनजान था, लेकिन जब उनको इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को उठाएंगे, इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक सुशील इस समय जॉर्जिया ने ट्रेनिंग कर रहे हैं और उन्होंने डब्ल्यूएफआई को गुरुवार शाम को कई बार कॉल किए था।
वहीं फेडरेशन के असिस्टेंट डायरेक्टर विनोद तोमार का कहना है कि यह तकनीकी या लिपिक गलती हो सकती है। 2014 ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद सुशील का यह पहला बड़ा टूर्नामेंट है। सुशील ने साल भर बाद 2016 रियो ओलिंपिक में वापसी करनी चाही थी, लेकिन फेडरेशन ने उन्हें शामिल नहीं किया। पिछले साल चयन ट्रायल में सुशील के कथित सर्मथकों ने उनके विपक्षी प्रवीण राणा से और उनके भाई से मारपीट भी की थी, जिसके बाद यह मामला काफी गर्मा गया था।