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क्या आप भी पेट्रोल पंप पर रोज करा रहें है अपनी जेब खाली

कार को बाहर लेकर निकले और सबसे पहले ढूंढा पेट्रोल पंप। अब यह तो रोज का काम है आखिर कब तक पेट्रोल-डीजल भराकर अपनी जेब खाली करेंगे। एक तो पहले ही बढ़ते दाम की मार दूसरी ओर तेल की चोरी । क्या आप जानते हैं कि आपकी आंखों के सामने पेट्रोल पंप पर तेल की चोरी की जाती है। और आपको कानों- कान खबर भी नहीं होती। आइए आज आपको ऐसे कुछ तरीके बताते है जिससे आप मिनटों में पता लगा सकते हैं कि कहीं आपके साथ भी तो यह धोखा धड़ी नहीं की जा रही।
नियमानुसार अगर आप किसी भी पेट्रोल पंप पर लगी पेट्रोल व डीजल मशीन पर 5 लीटर तेल डालवातें हैं। ऐसे में 25 एमएल तेल कम या ज्यादा डालना जायज माना जाता है। उदाहरण के तौर पर आपने पेट्रोल पम्प 600 रुपये का पेट्रोल डलवाया। 600 रुपये का पेट्रोल भरवाने में करीब 1 मिनट का समय लगता है। और आप आंखे गढ़ाये मीटर की रीडिंग देखते रहते हैं। और अगर इस बीच 10 सेकंड के लिए भी स्विच ऑफ होता है तो समझ लीजिए कि आपके 600 रुपये के पेट्रोल में करीब 50 से 100 रुपये का नुकसान हो जाता है।

इस बात से सभी लोग अंजान है कि खाली टैंक में पेट्रोल भरवाने से नुकसान होता है। इसका कारण है कि जितना खाली आपका टैंक होगा, उतनी ही हवा टैंक में मौजूद रहेगी। ऐसे में आप पेट्रोल भरवाते हैं, तो हवा के कारण पेट्रोल की मात्रा कम मिलेगी। इसलिए कम से कम टैंक के रिजर्व तक आने का इंतजार नहीं करें। आधा टैंक हमेशा भरा रखें।
पेट्रोल हमेशा डिजिटल मीटर वाले पंप पर ही भरवाएं। दरअसल पुरानी पेट्रोल पंप मशीनों पर कम पेट्रोल भरे जाने की संभावना ज्यादा रहती है और आप इसे पकड़ भी नहीं सकते हैं। यही कारण है कि देश में लगातार पुरानी पेट्रोल पंप मशीनें को हटाया हटाई जा रहीं हैं और डिजीटल मीटर वाले पम्प इंस्टाल किए जा रहे हैं।
अक्सर आपने देखा होगा कि पेट्रोल भरने के समय मीटर बार-बार रुक जाता है। हालांकि धीरे धीरे करके इसी तरह आपको पेट्रोल दे दिया जाता है। जानकारों के मुताबिक, बार बार रुकने से आपको पेट्रोल का नुकसान होता है। इसलिए अगर किसी पेट्रोल पंप पर ऐसी मशीन है तो इस मशीन पर पेट्रोल भरवाने से बचें।
अधिकांश लोग जब अपनी कार में पेट्रोल/डीजल भरवाते हैं तो गाड़ी से नीचे नहीं उतरते हैं। इसका फायदा उठाते हैं पेट्रोल पम्पकर्मी। पेट्रोल भरवाते समय कार से उतरें और मीटर के पास खड़े हों और सेल्सकर्मी की सारी गतिविधियों को देखें। इससे आपके साथ चीटिंग होने के मौके बेहद कम हो जाते हैं।
हो सकता है आपको बातों में लगाकर पेट्रोल पंपकर्मी जीरो तो दिखाए, लेकिन मीटर में आपके द्वारा मांगा गया पेट्रोल का मूल्य नहीं सेट करे। आजकल सभी पेट्रोल पंप पर डीजिटल मीटर होते हैं। इनमें आपकी ओर से मांगा गया पेट्रोल फीगर और मूल्य पहले ही भरा जाता है। इससे पेट्रोलपम्प कर्मी की मनमानी और चीटिंग करने की गुजांइश बेहद कम हो जाती है।
आपने पेट्रोल आर्डर किया और मीटर बेहद तेज चल रहा है, तो समझिए कुछ गड़बड़ है। पेट्रोलपंपकर्मी को मीटर की स्पीड नार्मल करने को कहें। हो सकता है तेज मीटर चलने से आपकी जेब कट रही हो।