अद्धयात्म
गणेश महाराज के 8 चमत्कारी मंदिर,


दर्शन कीजिए अष्टविनायकों में से पहले विनायक मयूरेश्वर की। महाराष्ट्र के पुणे से करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर मोरे गांव में गणेश जी का यह मंदिर है। कथा है कि यहां पर मूषक की सवारी करने वाले गणेश जी ने मयूर पर चढ़कर सिंधुरासुर का वध किया था इसलिए यहां गणेश जी मयूरेश्वर कहलाते हैं। यहां मंदिर के द्वार पर शिव जी का वाहन नंदी भी विराजमान है। इस विषय में भी एक रोचक कथा है कि एक बार देवी पार्वती के साथ भगवान शिव और नंदी यहां पधारे। लेकिन जब जाने की बारी आयी तो नंदी ने जाने से मना कर दिया। नंदी महाराज का इस तीर्थ स्थान में मन लगने के कारण यहां उन्हें द्वारपाल के रूप में स्थान दिया गया है।