
लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी ने प्रदेश की समाजवादी सरकार पर चक गजंरिया फार्म की भूमि अपने निजी स्वार्थ और कुछ लोेगां को फायदा पहुंचाने के लिए अधिग्रहित करने का आरोप लगाया है। पार्टी की राष्ट्रीय कार्य परिषद के सदस्य वीरेन्द्र तिवारी ने रविवार को चकगंजरिया फार्म को बचाने के लिए देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर इस सम्बन्ध में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि चकगंजरिया में साहीवाल गायों तथा उच्च नस्ल के जिस प्रजाति के सांड़ों का पाल-पोषण हो रहा है, वह संभवतः कहीं नहीं हैं, ऐसे में प्रदेश सरकार पर रोक नहीं लगायी गयी तो ये प्रजाति विलुप्त हो सकती है। तिवारी ने कहा कि गायों को जिस निबलेट फार्म में रखा जाना सुनिश्चित है, वहां पर टीबी, ब्रुशला से पीड़ित और ग्रसित पशु रखे जाते हैं। गायों और सांड़ों के अलावा हजारों मुर्गी और बटेर का जीवन खतरे में हैं। इसके अलावा पं. दीनदयाल पोल्ट्री फार्म भी इस संस्थान में विकसित है और संस्था का भी अन्त करने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा हजारों इसके अलावा प्रदेश सरकार हरे पड़ों को काटकर प्रदूषण को भी बढ़ावा दे रही है। ज्ञापन में कहा है कि नियमित कर्मचारियों के अलावा कई सौ क्षेत्रिय दैनिक कर्मचारियों की रोजी-रोटी छिनने से क्षेत्र की जनता में तनाव व्याप्त है। उन्होंने कहा कि इसी शहर में हजारों बीघे बंजर भूमि भी पीड़ी है, जहां पर आईटी सिटी तथा मेडी सिटी बनायी जा सकती है। इस भूमि को असंल जैसी प्राइवेट कम्पनियों को देने में भ्रष्टाचार की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। तिवारी ने केन्द्रीय गृह मंत्री से पर्यावरण एवं पशुधन तथा जीव-जन्तुओं की रक्षा के लिए उचित एवं आवश्यकत कार्यवाही के लिए निर्देश देने का अनुरोध किया है।