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चीन और पाकिस्तान ने मिलकर कराया उरी हमला

नई दिल्ली। उरी हमले के बाद भारत देश के दुश्मनों के खिलाफ जांच में कोई कमी नहीं छोड़ रहा है।
इस हमले में पाकिस्तान के साथ साथ चीन का भी हाथ हो सकता है। क्योंकि घटनास्थल पर चीन के बने लाइटर मिले हैं।
छानबीन कर रही NIA
उरी में हुए आतंकी हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) 11 स्थानीय दुकानदारों की छानबीन कर रही है, जिनमें एक मोबाइल फोन रिटेलर भी शामिल है। रिटेलर ने हमले से कुछ दिन पहले ही 6 बिहार रेजिमेंट के सैनिकों को सिम कार्ड उपलब्ध कराए थे।
रिलेटर पर एनआईए का ध्यान इसलिए गया क्योंकि हमले से ठीक एक दिन पहले यानी शनिवार को उसकी दुकान निर्धारित समय के तीन घंटे बाद बंद हुई थी।
उसकी दुकान बंद होने के कुछ ही घंटों बाद वहां आतंकियों ने हमला बोला था। आर्मी कैंप में आमतौर पर साढ़े छह बजे दुकाने बंद हो जाती हैं।
10 बजे के बाद बंद हुई थी दुकान
टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, आर्मी पुलिस मेन गेट पर एक रजिस्टर में आने-जाने वालों की डिजिटल और प्रिंट माध्यमों से जानकारी रखती है।
सूत्रों ने बताया कि दुकानकार काफी सालों से ब्रिगेड में रहा है। इसने हाल ही में कुछ सैनिकों को सिम भी दिए थे। हमले से एक दिन पहले उसने अपनी दुकान 10 बजे के बाद बंद की थी, जो कि थोड़ा अजीब है।
इस पर जल्द उससे पूछताछ की जाएगी। एनआईए इलाके में मोबाइल एसेसरीज बेचने वाले कुछ और दुकानदारों की पहचान करने में जुटी है।
घटनास्थल पर मिले 3 अलग-अलग लाइटर
बता दें कि आतंकियों ने हमले के दौरान चाइनीच लाइटर का इस्तेमाल किया था, जिनके जरिए टेंटों में आग लगी। आग की लपटों में घिरने से 13 जवानों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। हमले की जगह से तीन अलग-अलग रंग के लाइटर बरामद हुए हैं।