जब मगरमच्छ के हमले का शिकार हुए मोदी

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य प्रचारक नरेंद्र मोदी की एक नई जीवनी के मुताबिक एक बार कई मगरमच्छों वाले तालाब में तैरते वक्त एक मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया था जिसके कारण उनके पांव पर नौ टांके लगाने पड़े थे।पत्रकार सुदेश के.वर्मा की मोदी पर प्रकाशित नई जीवनी ‘नरेंद्र मोदी : द गेम चेंजर’ में उनके बचपन की कई बेहद रोचक घटनाओं का जिक्र है। पुस्तक कहती है कि जब वह आठवीं कक्षा में पढ़ते थे तो तैराकी के दौरान एक झील में एक मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया था।429 पृष्ठों के इस किताब में उनके जीवन से जुड़े कई बातें हैं इनमें से कुछ इस प्रकार हैं..
– जब मोदी 14 साल के थे तो एक ज्योतिषी ने भविष्य में उनके बेहतरीन काम करने की भविष्यवाणी की थी। मोदी के मित्र महेंद्रभाई के मुताबिक ज्योतिषी ने कहा था ‘‘यह लड़का या तो को बड़ा संत बनेगा या फिर कोई बड़ा नेता। पूरी दुनिया उसे पहचानेगी।’’
– मोदी वादनगर रेलवे स्टेशन पर अपने पिता के हाथ से बनी चाय कुल्हड़ में बेचते थे। इस विशेष चाय की कीमत दो आना और सामान्य चाय की कीमत एक आना होती थी।
-मोदी के पिता दामोदरदास ने मुस्लिम लड़के अब्बास मोहम्मद रामसादा को शरण दिया था। उसके मुताबिक उसने मोदी के घर एक साल बिताया था और उसके साथ बेहद अच्छा व्यवहार किया गया था।
– मोदी ने अपने परिवार से दूरी बना कर रखी है। परिवार का कोई भी सदस्य काम के लिए मोदी के घर नहीं जाता।
– मोदी का परिवार इतना गरीब था कि किसी की भी शादी में फोटो खींचने की व्यवस्था नहीं कर पाता था।
-राजकोट के रामकृष्ण मिश्न के एक स्वामी ने उन्हें दाढ़ी रखने की सलाह दी थी।