जाट आंदोलनः सोनीपत में मोबाइल इंटरनेट पर बैन, धारा 144 लागू

एजेंसी/ सोनीपत। हरियाणा में आज से फिर से जाट आंदोलन शुरू हो गया है। जाट समुदाय एक-दो लोगों के समूह में सड़क पर उतरकर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहा है।
-पलवल में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की जिला इकाई के संयोजक धर्मवीर तेवतिया के नेतृत्व में जाट जिला उपायुक्त अशोक शर्मा को आरक्षण की मांग को लेकर मांग पत्र देंगे।
-सोनीपत में आवाजाही कम है, रेलवे स्टेशन पर इसकी झलक देखने को मिल रही है।
-गुड़गांव जिले में अभी तक जाटों के प्रदर्शन की कोई सूचना नहीं। हालांकि, पुलिस मुस्तैद है। पुलिस को डर है कि कहीं आंदोलनकारी जाम न लगा दें।
-दिल्ली में घोंडा चौक पर सांसद मनोज तिवारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते कांग्रेस के जाट समुदाय के नेता-कार्यकर्ता।
जाट आंदोलन के चलते मुनक नहर का पानी फिलहाल संगीनों के साए में है। प्रशासन ने मुनक हेड की सुरक्षा के लिए पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात कर दी है। बीएसएफ और करनाल पुलिस के जवानो ने मुनक हेड पर मोर्चा संभाल लिया है।
पुलिस दिल्ली से सटे जिलों में खास सतर्कता बरत रही है। यही वजह है कि दिल्ली से सटे सोनीपत में मोबाइल इंटरनेट पर रोक लगा दी गई है।पिछली बार की हिंसा से सबक लेते हुए हरियाणा सरकार ने पहले से ही 8 जिलों में धारा 144 लगा दी है। कहा जा रहा है कि सोनीपत में अगले आदेश तक इंटरनेट पर बैन लगा रहेगा।
जानिए कौन हैं जाट ? आरक्षण के लिए आंदोलन और संघर्ष की पूरी कहानी
इससे पहले कल (शनिवार) को सोनीपत के जिलाधिकारी के. मकरंद पांडुरंग ने जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक लगाने का आदेश जारी किया था, जो आज से शुरू हो कर अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
जिलाधिकारी के मुताबिक, ऐसी संभावना थी कि मोबाइल इंटरनेट सेवाओं का इस्तेमाल गलत सूचना और अफवाह फैलाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इन सेवाओं का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में भी किया जा सकता था जैसे सड़क, राजमार्ग और रेल पटरियां अवरूद्ध करना, सरकारी सम्पत्ति को क्षतिग्रस्त करना और आवश्यक सेवा एवं खाद्य आपूर्ति बाधित करना।
सोशल मीडिया के जरिये फैलाई जा रही अफवाहें
जिलाधिकारी ने कहा कि सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राफ, फ्लिकर, टम्बलर, गूगल प्लस और मोबाइल इंटरनेट का इस उद्देश्य के लिए दुरुपयोग किया जा सकता है। ऐसे में सभी दूरसंचार सेवा प्रदान करने वाली कंपनियों को आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।
पिछले जाट आंदोलन में मारे गए थे 30 लोग
यहां पर याद दिला दें कि पिछली बार आंदोलन के दौरान 30 लोगों की जान गई थी, 320 लोग घायल हुए थे और सैकड़ों करोड़ की संपत्ति बर्बाद हुई थी। आंदोलन की घोषणा के साथ ही हरियाणा पुलिस ने सभी पुलिसकर्मियों के अवकाश रद कर दिए हैं।
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