व्यापार
डेयरी बिजनेस में उतरेंगे रामदेव,


प्राचीन आयुर्वेद विद्या और राष्ट्रवाद के तिलिस्म में लिपटे उत्पादों के दम पर पतंजलि ने देश के घर-घर में अपनी पैठ बना ली और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कंज्यमूर मार्केट बना लिया।
नूडल्स से लेकर शैंपू तक बेच रही पतंजलि ने मार्केट में प्रतिस्पर्धा को बढ़ा दिया है और यूनिलीवर पीएलसी और नेस्ले को कड़ी टक्कर दे रही है।
पिछले साल वॉल स्ट्रीट जर्नल को दिए एक इंटरव्यू में योग गुरु रामदेव ने विदेशी कंपनियों की आलोचना करते हुए कहा था कि ‘ये कंपनियां केमिकल और आर्टिफिशियल फ्लेवर्स से बने प्रोडक्ट बेचकर भारतीयों को मूर्ख बनाती हैं।’
पतंजलि अब स्वदेशी ‘जीन्स’ के आइडिया पर काम कर रही है और जल्द ही इसे मार्केट में लाने की योजना है। हालांकि इस ‘स्वदेशी जीन्स’ के मूल में एक ट्विस्ट है। बिजनेस दर्शन नहीं है, तो यह आइडियोलॉजी से चलता भी नहीं है और बाबा रामदेव को यह बात समझ आ गई है।